कस्बा खरेला में बुंदेली लोक कला के गौरव स्व. नाथूराम विश्वकर्मा की छठवीं पुण्य स्मृति व उनके शिष्य स्व. बाबा रमाशंकर के स्मृति समारोह पर सुर संगीत और साहित्य की महफिल सजी। इसमें कीर्तनकारों, भजन गायकों के साथ लोकविधा से जुड़े नौटंकी कलाकारों ने मंजरी नाटक को अपने-अपने
अंदाज में प्रस्तुत कर समां बांध दिया। सभी कलाकरों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।कार्यक्रम का शुभारंभ कीर्तनकार लालचंद्र दीक्षित व हमीरपुर के विश्वकर्मा महासभा के जिलाध्यक्ष श्यामदास ने दिवंगत आत्माओं के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया। लालचंद्र सहित एक सैकड़ा कलाकारों ने
भक्तिभाव में श्रद्धांजलि अर्पित की। हरपालपुर के सुरेश परदेशी ने याद उसकी दिला गया कोई व बेलाताल के शोभालाल ने जिस भजन में राम का नाम न हो, पेश किया।कानपुर के कलाकार विनय शर्मा ने क्या तू साथ लेकर आया है सुनाया। कार्यक्रम में मुन्ना महाराज पहाड़ी, संतराम, आशीष नागर, कुलदीप,
सराफत, जानकी, बबलू, धीरेंद्र बम्हौरी, लालदिमान, घनश्याम धवारी, हरगोविंद मसगांव, लाखन सिंह दिल्ली सहित विभिन्न जनपदों से आए कलाकारों ने प्रस्तुतियां दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व श्रम मंत्री बादशाह सिंह ने कहा कि स्व. नाथूराम विश्वकर्मा की कला, साहित्य विधा कलाकारों के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत रहेगी। इस मौके पर कार्यक्रम संयोजक श्यामसुंदर विश्वकर्मा, राम सुंदर, अजयकुमार, संजय, अनिल कुमार सहित तमाम लोग मौजूद रहे।