अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) गजेंद्र कुमार ने एक युवती को अपहरण कर ले जाने के मामले में आरोपी को पांच साल की सजा सुनाई। साथ ही दो हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंका। आरोपी को
पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया गया।
कस्बा चरखारी के एक मुहल्ला निवासी युवती 13 मार्च 2011 को सुबह चार बजे बस पकड़ने के लिए घर से जा रही थी। तभी मुहल्ले का ही एक युवक इसराईल उसके पीछे लग गया और रास्ते में तमंचा अड़ाकर उसे बाइक में बैठा ले गया। 26 दिन तक दिल्ली में रखने के बाद युवती को चरखारी छोड़कर फरार हो गया था। बेटी के गंतव्य स्थान तक न पहुंचने पर पिता ने काफी दिनों तक तलाश की लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा, बाद में इसराईल के अपहरण करने की जानकारी मिलने पर पिता ने उसके खिलाफ नामजद कोतवाली चरखारी में मुकदमा दर्ज करा दिया। शनिवार को विद्वान न्यायाधीष ने दोनो पक्षों के गवाह और बहश सुनने के बाद इसराईल को युवती का अपहरण कर उसे काफी दिनों तक छिपाए रखने मामले में पांच साल की और अपहरण के मामले में चार साल की सजा सुनाई साथ ही दो हजार रुपए का जुर्माना भी ठोंका। इस मुकदमे की पैरवी सरकार पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता प्रमोद पालीवाल ने की। आरोपी को पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया गया।