विधान सभा उप चुनाव में जहां लोग मतदान केंद्रों पर वोट डालने के लिए पहुंच गए वहीं किसान मतदान से किनारा कर खेत खलिहानाें में अपनी फसल की कटाई में जुटे रहे। किसानों की रुचि मतदान से ज्यादा खेतों में पड़ी फसल को बारिश और बदलते मौसम से बचाने के प्रति दिखाई दी।
चरखारी उपचुनाव में शनिवार को सुबह आठ बजे से मतदान शुरू हुआ। पोलिंग बूथाें पर सुबह से ही सन्नाटा पसरा रहा। कारण, किसान खेत खलिहानाें में व्यस्त दिखाई दिए। कुदरत के कहर से बर्बाद हुई फसल के बाद बची खुची फसल को बचाने के लिए किसानों ने मतदान केंद्राें के बजाए सुबह से ही खेत खलिहानों की तरफ रुख कर लिया। कोई खेतों में पड़ी फसल की मड़ाई करने में जुटा रहा वहीं तमाम किसान सुबह से हंसिया लेकर फसल काटने में व्यस्त दिखाई दिए। किसानों में फसल को बचाने के प्रति ज्यादा रुचि के चलते मतदान प्रतिशत घट गया। मतदान स्थलाें के बजाए खेेत खलिहानाें में किसान दिखाई दिए। उन्हें अपनी फसल की चिंता दिखाई दे रही थी। यही वजह है कि लोकतंत्र के इस पर्व में इस दफा किसानों ने रुचि कम दिखाने से मतदान प्रतिशत घट गया है।
घूंघट की ओट में निकली महिलाएं
महोबा। उप चुनाव में ग्रामीण अंचलाें में भी खासी चहल पहल नहीं दिखाई दी। कामकाज से थोड़ा बहुत वक्त निकालकर तमाम महिलाओं ने घूंघट की ओट में जाकर पोलिंग बूथों पर वोट डाला। तेज धूप और पसीने से तर बतर होने के बाद भी महिलाएं घूंघट डाले रहीं।