महोबा। अपने विवादित बयानों से अक्सर सुर्खियों में रहने वाले चरखारी विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत ने बृहस्पतिवार को अपने आवास में पत्रकारों से वार्ता कर जहां भ्रष्टाचार के खिलाफ आरपार की लड़ाई लड़ने की बात कही, वहीं जिले में अवैध खनन, ओवरलोडिंग न रुकने पर ओवरलोड ट्रकों में आग लगवा देने की धमकी दी।
साथ ही संबंधित विभाग के अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोलने की बात कही। उधर, सोशल मीडिया में वीडियो वायरल कर डीएम पर अन्य अफसरों संग अन्ना मवेशियों के चारे के पैसे खाने का भी आरोप लगाया।
विधायक ने कहा कि अवैध खनन व ओवरलोडिंग नहीं रोकी गई तो अवैध तरीके से चल रहे ट्रकों में यदि जनता को आग लगाने की जरूरत पड़ी तो आग लगवा दी जाएगी। खनिज अधिकारी ने यदि सही तरीके से कार्रवाई नहीं की तो खनिज अधिकारी का घेराव किया जाएगा। अब बहुत ज्यादा पत्राचार नहीं होगा। अब पत्राचार के साथ वह जनता के साथ स्वयं उतरकर मोर्चा लेंगे।
ओवरलोडिंग से बुंदेलखंड की सड़कें टूट रही हैं। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने गड्ढामुक्त सड़कों का अभियान चलाया था, लेकिन आज जिले की हर सड़क टूटी हुई हैं। बुंदेलखंड व जिले के साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे। उन्होंने संकल्प लिया है कि यदि ओवरलोडिंग व बिना एमएम-11 के गाड़ियां चलनी नहीं रोकी गईं तो संबंधित विभाग के अधिकारी के खिलाफ मोर्चा खोला जाएगा।
वहीं विधायक ने वायरल वीडियो में डीएम पर भूसा घोटाला करने का आरोप लगाया और कहा कि अन्ना पशुओं के लिए भेजे गए भूसे के पैसे को डीएम और अन्य अफसर मिलकर खा रहे हैं और भूखे अन्ना पशु हाईवे पर घूम रहे हैं। अब एसपी के बाद जिले के अन्य भ्रष्ट अफसरों पर कार्रवाई कराई जाएगी।
विधायक ने कहा कि भाजपा सरकार ने जिले की ग्राम पंचायतों में बनाई गईं अस्थायी गोशालाओं के अलावा चार बड़ी गोशालाओं में अन्ना पशुओं के भूसे के लिए करोड़ों रुपये भेजा, लेकिन अन्ना पशुओं को न तो गोशालाओं में बंद किया गया और न ही भूसे का इंतजाम किया।
कहा कि डीएम और एसपी की कार्यप्रणाली से सीएम को अवगत कराया था, जिसका परिणाम अब देखने को मिला है। कहा कि लापरवाह अधिकारी काम करने को तैयार नहीं है। ऐसे अफसरों की सूची सीएम को सौंपी जाएगी।
जिलाधिकारी अवधेश कुमार तिवारी ने कहा कि भूसे के लिए आने वाली धनराशि तहसील को भेज दी जाती है। तहसीलदार धनराशि को ब्लाक में भेजते हैं और बीडीओ ग्राम प्रधानों को पैसा भेजते हैं। मेरे द्वारा भूसे की खरीद नहीं की जाती है और चरखारी विधायक द्वारा लगाया गया आरोप तथ्यहीन है। ग्राम पंचायतें भूसे की खरीद करती हैं।