महोबा। दहेज की मांग को लेकर पत्नी की हत्या कर शव फंदे पर लटकाने के तीन साल पुराने मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/एफटीसी अपर्णा त्रिपाठी द्वितीय ने फैसला सुनाया। आरोप सिद्ध होने पर दोषी पति अश्विनी तिवारी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। साथ ही 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
शहर के मोहल्ला समदनगर निवासी रामदेवी ने 19 मई 2023 को पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र दिया था। बताया था कि बेटी रश्मि की शादी सामूहिक विवाह सम्मेलन से सुरहा निवासी अश्विनी तिवारी के साथ हुई थी। दोनों ने प्रेम विवाह किया था। बेटी के चार माह का बेटा भी है। ससुराल पक्ष दहेज में रुपयों की मांग करते हुए रश्मि के साथ आए दिन मारपीट कर प्रताड़ित करता था। मांग पूरी न होने पर छह मई 2023 को रश्मि की हत्या कर दी गई।
घटना की सूचना पुलिस को दी गई, तब पोस्टमार्टम हुआ। बाद में पता चला कि बेटी की हत्या पति ने ससुरालीजनों के साथ मिलकर की थी। तहरीर के बाद भी शहर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई थी। एसपी के आदेश पर पति, ससुर रामकुमार व सास शैल कुमारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किए। कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया।