महोबा। बुंदेलखंड में मानसून पूरी तरह मेहरबान नहीं हो पा रहा है। मानसून को शुरू हुए 20 दिन से ज्यादा का समय बीतने के बाद भी जिले के बांध खाली हैं।
अभी तक पर्याप्त बारिश न होने से बांधों का जलस्तर नहीं बढ़ पा रहा है। हालात यह हैं कि मझगवां और उर्मिल बांध डेड लेवल की समस्या से जूझ रहे हैं।
मानसून 15 जून से शुरू हो जाता है लेकिन इस बार बारिश देरी से हुई और अभी तक औसत से भी कम बारिश हुई है। ऐसे में बांधों का जलस्तर नहीं बढ़ पा रहा है।
यूपी-एमपी की सीमा पर स्थित उर्मिल बांध से महोबा शहर को पेयजल आपूर्ति की जाती है लेकिन उर्मिल बांध स्वयं जलसंकट से जूझ रहा है। ऐसे में महोबा शहर के अधिकांश इलाकों में दो दिन में एक बार ही पेयजल आपूर्ति मुहैया हो पा रही है। यही हाल मझगवां बांध का है।
महोबा में 24 घंटे में 66 एमएम बारिश
महोबा। पिछले तीन दिन में आसमान में बादल छाए हुए हैं। यहां शहरी क्षेत्र में पिछले 24 घंटे में 66 एमएम बारिश दर्ज की गई। शनिवार को भी सुबह से ही बूंदाबांदी के बाद कुछ समय के लिए बारिश हुई। इसके बाद बारिश थम गई।
शाम को भी बूंदाबांदी के बाद कुछ देर के लिए बारिश हुई। बारिश के चलते तापमान भी लुढ़क गया। इस दौरान अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि आर्द्रता 88 फीसदी व हवाओं की रफ्तार 16 किमी प्रति घंटा रही। (संवाद)