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Mahoba News: नीलगायों के झुंड खेतों में घुसकर चट कर रहे फसल, बुंदेले किसान परेशान

Sun, 15 Feb 2026 12:04 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
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फोटो 14 एमएएचपी 14 परिचय-तहसील कुलपहाड़ ​स्थित खेत में इस तरह झुंड में घुसकर फसल बर्बाद कर रहीं
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महोबा/कुलपहाड़। अन्ना मवेशियों के बाद अब नीलगाय बुंदेलखंड के किसानों के लिए मुसीबत बन गई हैं। झुंड में आने वाली नीलगायों ने रबी सीजन की फसलों को चट कर रही है। खेतों में खड़ी फसल चौपट होने से किसान परेशान हैं। मेहनत पर पानी फिरता देख किसान रात-दिन जागकर फसल की रखवाली करने को मजबूर हैं।
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जनपद में इस वर्ष 2.18 लाख हेक्टेयर में गेहूं, मटर, चना, सरसों आदि की फसल बोई गई है। अब खेतोंं में फसल तैयार हो रही हैं। लहलहाती हुई फसल को देखकर नीलगायों के झुंड खेतों में घुस कर फसल चट कर रहे हैं। जंगल में पेड़ों के नष्ट होने के बाद भोजन की तलाश में अब नीलगाय बस्तियों की ओर आने लगी है। जिससे किसान पूरी रात जागकर फसलों की सुरक्षा कर रहे हैं। झुंड में आने वाली नीलगायों की संख्या इतनी ज्यादा होती है कि वह वह एक ही बार में बड़े खेतों में लगी फसल नष्ट कर देती हैं। जंगल के किनारे खेती करने वाले कुलपहाड़ और सुगिरा बूढ़ी ,बोरा सतारी के अधिकांश किसान इनकी आतंक से परेशान है। वन विभाग की ओर से नीलगायों को वन्य जीव घोषित किए जाने के बाद से इसका शिकार प्रतिबंधित है। इससे किसानों के लिए नीलगाय बड़ी समस्या बन गई हैं।
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फसल बर्बाद, किसान ने मांगी आर्थिक सहायता
कुलपहाड़। रबी सीजन की फसल के पकने के साथ ही नीलगायों का आतंक तेज हो गया है। इससे किसान परेशान हैं। कुलपहाड़ क्षेत्र में यह समस्या ज्यादा देखने को मिल रही है। नीलगायों के झुंड खेतों को चौपट कर रहे हैं। जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर रहा है। कुलपहाड़ के किसान राघवेंद्र ने डीएम को शिकायती पत्र देकर आर्थिक सहायता देने की मांग की है।
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फसल बर्बाद होने से किसान ने की थी आत्महत्या
कुलपहाड़। कुलपहाड़ निवासी ठाकुरदास ने पिछले दिनों फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मृतक के बेटे राघवेंद्र अहिरवार ने डीएम को शिकायती पत्र सौंप कर आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की है। पीड़ित का कहना है कि वह सुगिरा निवासी फूलन यादव की जमीन बटाई पर लिए है। जिसमें मटर और गेहूं की फसल बोई थी लेकिन नीलगायों ने उसकी फसल नष्ट कर दी। इससे लागत निकालना भी मुश्किल है। इसी गम में पिता ने आत्महत्या कर ली थी। उसने प्रशासन से मांग की है कि उसकी फसल में हुए नुकसान का मुआवजा दिलाया जाए।
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किसानों ने बयां किया दर्द
सुगिरा गांव के किसान अशोक कुशवाहा का कहना है कि कड़ी मेहनत कर रबी सीजन की फसल को तैयार किया। नीलगायों के झुंड फसलों को चौपट कर रहे हैं। इस समस्या से निजात मिलना चाहिए।
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लाड़पुर के किसान करन राजपूत कहते हैं कि नीलगायों के झुंड ने कृषि उत्पादन में परेशानी बढ़ा दी है। नीलगाय फसल को बर्बाद कर रही हैं। इससे रबी सीजन की फसल की इस बार लागत निकलना मुश्किल है।
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सुगिरा के किसान सुबोध बाबू का कहना है कि कुलपहाड़ क्षेत्र में नीलगायों की समस्या ज्यादा है। नीलगायों के झुंड फसलों को बर्बाद कर रहे है। इस समस्या का स्थाई समाधान हो और बर्बाद फसलों का मुआवजा मिले।
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किसान वन विभाग से स्वीकृति लेकर फसल उजाड़ रहे वन रोज को मार सकते हैं। यह स्वीकृति चीफ कंजरवेटिव फॉरेस्ट की ओर से प्रदान की जाती है। यदि बिना स्वीकृति वन रोज को मारेंगे तो उन पर वन जीव हत्या का मुकदमा चलेगा। -जितेंद्र कुमार, रेंजर, वन रेंज अजनर।

फोटो 14 एमएएचपी 14 परिचय-तहसील कुलपहाड़ स्थित खेत में इस तरह झुंड में घुसकर फसल बर्बाद कर रहीं

फोटो 14 एमएएचपी 14 परिचय-तहसील कुलपहाड़ स्थित खेत में इस तरह झुंड में घुसकर फसल बर्बाद कर रहीं

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