रविवार को जोरदार बारिश ने इस साल के सारे रिकार्ड तोड़ दिए। रविवार को जिले में 32 मिमी बारिश हुई। सिंचाई विभाग ने 15 जून से अब तक की सबसे ज्यादा बारिश रिकार्ड की।
दो घंटे की झमाझम बारिश से पूरा शहर जलमग्न हो गया। सडकों पर दो दो फिट पानी भरने से दो घंटे तक सड़के नहर सी नजर आईं। इस बारिश से किसानों के चेहरे चमक गए वहीं शहरों में कीचड़ और गंदगी से लोगों का निकलना मुश्किल हो गया।
रविवार की शाम साढ़े पांच बजे से साढ़े सात बजे तक हुई बारिश से चारो तरफ पानी ही पानी भर गया। शहर की मुख्य सड़कों पर दो दो फिट पानी भर जाने से आवागमन रुक गया।
तमाम घरों और दुकानों में पानी भर गया। लोग घरों से पानी निकालने में जुटे रहे। पहली बार दो घंटे की लगातार बारिश से मौसम खुशगवार हो गया। ऊदल चौक, काजीपुरा, खोया मंडी और आल्हा चौक के पास सड़कें पानी से लबालब होने से तमाम टेंपो चालकों के साइलेंसर में पानी घुस गया। जिससे टेंपो खराब हो गए।
पालिका प्रशासन ने शहर के नालों की सफाई के नाम पर लाखों रुपए खर्च किए लेकिन कहीं भी इस सफाई का असर नहीं दिखा। नालों की सफाई होती तो बारिश का पानी सड़कों पर नहीं भरा होता। नागरिकों का कहना है कि नाले चोक होने से जल निकासी नहीं हुई और घरों में पानी घुस गया। पालिका प्रशासन के खिलाफ लोगों में आक्रोश है।
शहर के अंदर बस्ती के कच्चे मार्गाें में पानी भरने से लोगों का निकलना मुश्किल हो गया। वहंीं पुरानी गल्ला मंडी पानी भर जाने से तालाब बन गया।
जल निकासी की कोई व्यवस्था न होने से पूरी मंडी पानी से जलाशय जैसा हो गया है। अब सोमवार को भी व्यापारियों और किसानों को मंडी में अनाज ले जाने और बेंचने में दिक्कत का सामना करना पडे़गा।