महोबा। हार्टअटैक के मरीज को इलाज में जितनी देरी होती है उतना ही उनकी जान खतरे में पड़ जाती है। जिला अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ नहीं है। ऐसे में यहां आने वाले मरीज को मेडिकल कॉलेज बांद के लिए रेफर कर दिया जाता है।
जिला अस्पताल में वेंटिलेटर व आईसीयू भी हृदय रोगियों के लिए काम नहीं आ पा रहे हैं। रोजाना यहां एक से दो हृदय रोगी आते हैं। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पवन कुमार अग्रवाल का कहना है कि अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ नहीं है। यहां मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज रेफर कर रहे हैं। कई बार उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। आखिरी बार 11 दिसंबर को लिखा-पढ़ी की गई है। जल्द ही चिकित्सक की तैनाती होने की उम्मीद है।