महोबा। नशा एक ऐसी बुराई है जो हमारे समूल जीवन को नष्ट कर देती है। यह बातें अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस पर आयोजित गोष्ठी में मुख्य चिकित्साधिकारी डा.एमके सिन्हा ने कहीं।
बाबूलाल तिवारी सभागार में स्वास्थ्य विभाग और आशा ग्रामोत्थान संस्थान के संयुक्त रूप से आयोजित कार्यक्रम में सीएमओ ने कहा कि धूम्रपान से फेफड़े में कैंसर होता हैं, वहीं कोकीन, चरस, अफीम लोगों में उत्तेजना बढ़ाने का काम करती हैं, जिससे समाज में अपराध और गैरकानूनी हरकतों को बढ़ावा मिलता है। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. जीआर रत्मेले ने कहा कि नशीली वस्तुओं के सेवन से जन और धन दोनों की हानि होती है। इसके अलावा मुंह, गले व फेफड़ों का कैंसर, ब्लड प्रेशर, अल्सर, यकृत रोग, अवसाद एवं अन्य अनेक रोगों का मुख्य कारण विभिन्न प्रकार का नशा है।
मनोवैज्ञानिक अंकिता गुप्ता ने कहा कि नशे की लत छुड़ाने के लिए जिला अस्पताल के मन कक्ष में आए लोगों की काउंसलिंग की जाती है। पीएसडब्ल्यू (मनोचिकित्सक सामाजिक कार्यकर्ता) प्रेमदास ने बताया कि दो सालों में नशे के लती 20 से ज्यादा मरीजों की काउंसलिंग की जा चुकी है। अभी भी 6 की काउंसलिंग चल रही है। गोष्ठी में आशा संस्थान निदेशक राजेंद्र भदौरिया, भानुप्रताप, हेमंत, एक्शन एड के रावेंद्र कुमार, शिक्षक हरिशंकर गुप्ता, मनोज तिवारी व अखिलेश खरे सहित स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे।
-नशे की लत से ऐसे करें बचाव
-नशा छोड़ने के लिए दृढ़ संकल्प व इच्छा शक्ति होनी चाहिए।
-नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती होना अच्छा विकल्प है।
-दोस्तों व परिवार वालों का सहयोग लें।
-रोजाना योगासान करें।
-समय-समय पर डाक्टर से परामर्श लें।
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फोटो- 26 एमएएचपी 09 परिचय- पुलिस कार्यालय में नशा मुक्ति के लिए शपथ दिलातीं एसपी सुधा सिंह
नशे से बचने के लिए एसपी ने दिलाई शपथ
महोबा। मादक पदार्थ का दुरुपयोग एवं अवैध व्यापार विरोधी अंतरराष्ट्रीय दिवस के अवसर पर पुलिस अधीक्षक सुधा सिंह के नेतृत्व में जिले के सभी पुलिस कार्यालयों में कार्यक्रम आयोजित कर नशा मुक्ति के लिए शपथ दिलाई गई। एसपी ने सभी शाखा प्रभारी, कर्मचारियों को नशीले पदार्थ का सेवन न करने के साथ-साथ समाज के दूसरे लोगों को नशाखोरी से बचाने आदि का शपथ दिलाई। (संवाद)