थुनाग स्कूल में पेजयल नहीं मिलने से हैडपंप में पानी पीने को एकत्र हुए स्कूली बच्चे।
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महोबा। जिले की दो दर्जन से अधिक नवगठित ग्राम पंचायतों ने धन की कमी के चलते हैंडपंप सुधरवाने से हाथ खड़े कर दिए हैं। गर्मी के मौसम में गहराए भीषण पेयजल संकट से निपटने के लिए ग्राम प्रधान बजट की राह देख रहे हैं। छह माह से 14वें वित्त की धनराशि खातों में अभी तक नही पहुंची।
जिले में ग्राम पंचायतों की संख्या 247 से बढ़कर 273 कर दी गई है। नवगठित 26 ग्राम पंचायतों में चरखारी ब्लाक क्षेत्र में पांच, जैतपुर में सात, पनवाड़ी में चार व कबरई में दस ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों के लिए बजट की कमी बरकरार है। नई ग्राम पंचायतों को जो प्रथम किस्त मिली, उससे ग्राम पंचायतों ने रखरखाव और मरम्मत के कार्य कराए।
गर्मी में भीषण पेयजल संकट के बीच नई ग्राम पंचायतों में हैंडपंप खराब पड़े हैं। ग्राम पंचायतों को दूसरी किस्त जनवरी माह से अभी तक नहीं भेजी गई। जिसके चलते ग्राम प्रधान और सचिव बजट की कमी के कारण विकास कार्य तो दूर हैंडपंपों की मरम्मत भी नहीं करा पा रहे हैं।
ब्लाक चरखारी के ग्राम पड़ोेरा प्रधान शिवकुमार तिवारी और कुसरमा ग्राम प्रधान गुलाब सिंह ने बताया कि तेरहवें वित्त की प्रथम किस्त के बाद चौदहवें वित्त की धनराशि अब तक नहीं दी गई। पर्याप्त बजट न मिल पाने से गांव के विकास कार्य तो ठप हैं ही, साथ ही बिगड़े हैंडपंप भी बनवाने के लिए खातों में धनराशि नही है। पंचायतीराज ग्राम प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष पुष्पा देवेंद्र सिंह ने कहा कि नई ग्राम पंचायतों के लिए बजट की मांग का मामला अधिकारियों के सामने उठाया था। लेकिन धनराशि अब तक नहीं भेजी गई है।