चरखारी/कुलपहाड़। जिले की तीनों तहसीलों में शनिवार को समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इसमें 119 शिकायतें आईं। मौके पर 12 का निस्तारण हो सका। कमिश्नर व डीएम ने अफसरों को सख्त चेतावनी दी कि शिकायतों का निस्तारण कागज पर नहीं बल्कि धरातल पर दिखना चाहिए। यदि शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं है तो शिकायत को निस्तारित नहीं माना जाएगा।
चरखारी तहसील में कमिश्नर दिनेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में तहसील समाधान दिवस का आयोजन किया गया। रायनपुर निवासी अश्विनी द्विवेदी ने बताया कि मोहल्ला छोट रमना में सरकारी रास्ता है। जिस पर दबंग ने कब्जा जमा लिया है जिसे हटवाया जाए। हटवारा निवसी सिराज खां ने खराब पड़े हैंडपंपों को सही कराने की मांग की। बल्लायं प्रधान अनुसुइया ने आरक्षित भूमि को दबंगों के कब्जे से मुक्त कराने की मांग की। रिवई निवासी लाइनमैन कुलदीप की छह माह पहले लाइन ठीक करते समय हुई मौत के मामले में कमिश्नर ने एसडीओ से बात कर पीड़ित परिवार को शीघ्र क्षतिपूर्ति देने के निर्देश दिए। समाधान दिवस में आईं 34 शिकायतों में पांच का निस्तारण किया गया। कमिश्नर में सरकारी जमीन पर अवैध अतिक्रमण को प्राथमिकता से मुक्त कराने के संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।
कुलपहाड़ संवाद के अनुसार डीएम मनोज कुमार की अध्यक्षता में आयोजित समाधान दिवस में 66 शिकायतें आईं। जिनमें तीन का निस्तारण किया गया। सबसे ज्यादा शिकायतें भूमि पैमाइश, अवैध कब्जा व पेयजल से संबंधित रहीं। पेयजल की शिकायत पर डीएम ने नगर पंचायत ईओ को दो दिन के अंदर पेयजल आपूर्ति बहाल कराने के निर्देश दिए। इस मौके पर एसपी सुधा सिंह, सीडीओ डॉ. हरिचरन सिंह, एसडीएम पीयूष जायसवाल, सीओ उमेशचंद्र आदि मौजूद रहे। सदर तहसील में एसडीएम जितेंद्र कुमार की अध्यक्षता में आयोजित समाधान दिवस में 19 शिकायतों में से चार का निस्तारण किया गया।