महोबा। उमंग और उल्लास के पर्व होली को लेकर सोमवार को बाजार खरीदारों से गुलजार रहे। वाटर गन के साथ इलेक्ट्रिक वाटर गन व गुलाल भरे सिलिंडर की युवाओं ने खूब खरीदारी की। रंग और अबीर-गुलाल खरीदने के लिए देर शाम तक लोगों की भीड़ जुटी रही। अब मंगलवार से दो दिन तक रंगों की बौछार के साथ फिजा में अबीर-गुलाल उड़ेगा। होली पर्व को लेकर बच्चों में गजब का उत्साह दिखाई दिया।
सुबह से ही खरीदारी के लिए रंग पिचकारी की दुकानों में लोगों की भीड़ जुटी रही। बच्चों ने मनपसंद पिचकारियां खरीदकर खुशी जताई। दुकानदार आसिफ खान, भारती आदि ने बताया कि पर्व पर ज्यादातर हर्बल रंग और गुलाल की बिक्री हुई है। 300 रुपये में चार तरह के हर्बल चंदन गुलाल होली पर तिलक के लिए आकर्षण का केंद्र रहे। इसके अलावा 200 रुपये में तीन प्रकार के हर्बल गुलाल, पांच लीटर वाला गुलाल सिलिंडर 1,500 रुपये, ढाई लीटर वाला गुलाल सिलिंडर एक हजार रुपये में बिका। इसके अलावा होली पर्व को लेकर चिप्स, पापड़ व अन्य सामग्री की बिक्री जमकर हुई।
ट्रेनों में रही भीड़, पैर रखने की भी नहीं मिली जगह
महोबा। रंगों के पर्व होली में परिवार समेत घर लौटे लोगों को ट्रेनों में पैर रखने की भी जगह नहीं मिली। दिल्ली से आने वाली संपर्क क्रांति व महाकौशल एक्सप्रेस खचाखच भरकर आईं। रिजर्वेशन न मिलने पर अधिकांश यात्रियों ने मजबूरी में जनरल बोगियों में सफर किया। हालात यह रहे कि बोगियों में चढ़ने-उतरने के दौरान यात्रियों का पसीना छूट गया। पहले सवार होने को लेकर तूतू-मैंमैं व धक्कामुक्की भी हुई। दिल्ली से महोबा लौटे दीनदयाल, प्रेमचंद्र, प्रमोद आदि ने बताया कि रिजर्वेशन न मिलने पर वह जनरल बोगी से आए। सीट न मिलने पर खड़े-खड़े यात्रा की। खड़े रहने के दौरान ही धक्कामुक्की का सामना करना पड़ा। घर लौटने में भारी परेशानी हुई। अब वह त्योहार बाद वापसी में रिजर्वेशन मिलने के बाद ही लौटेंगे। वहीं, महोबा डिपो की ओर से होली पर्व पर लखनऊ, दिल्ली व गोरखपुर के लिए 16 रोडवेज बसें चलाई गई। इससे लंबे रूट पर यात्रा करने वाले लोगों को खासी राहत मिली।