चरखारी के ग्राम बसौठ में सहयोगी सेवा संस्थान के तत्वावधान में हुए स्वास्थ्य पोषण कार्यक्रम में किशोरियों को माहवारी, गर्भवती महिलाओं को अपने शिशु को स्तनपान कराने और उनकी देखभाल करने संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी। साथ ही किशोरियों, गर्भवतियों और बच्चों का वजन कर जांच कराई गईं।
स्वास्थ्य पोषण दिवस के तहत ग्राम बसौठ में गर्भवती, किशोरियों और बच्चों का वजन किया गया। इसके बाद गर्भवती महिलाओं का रक्तचाप, पेशाब की जांच की गई। जिला कार्यक्रम अधिकारी रामेश्वर पाल ने कहा कि बच्चों को नियमित रूप से पोषाहार आंगनबाड़ी केंद्रों में दिया जाता है।
पोषाहार के सेवन से बच्चे कुपोषण का शिकार नहीं होते हैं। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को रोज पोषाहार देने की अपील की। उन्होंने सभी आंगनबाड़ी, सुपरवाइजर, सीडीपीओ, आशाओं, एएनएम को सही ढंग से कार्य करने के निर्देश दिए।
एडीओ ने बीस गर्भवती महिलाओं को सोयाबीन बरी व तीस आंशिक व दो अति गंभीर बच्चों को आयोडीन नमक का वितरण किया। संस्थान की अध्यक्ष नेहा चंसौरिया ने माहवारी व स्तनपान कराने तथा बच्चों के देखदेख संबंधी जानकारी दी गई।
गांव में सात अति गंभीर और पचास आंशिक रूप से कुपोषित बच्चे थे, लेकिन उनकी देखभाल और खानपान करने के साथ उनमें सुधार आया है। अति गंभीर बच्चों में अब कुल दो तथा आंशिक बच्चों में सिर्फ 30 बच्चे हैं।
उधर पनवाड़ी के ग्राम स्योढ़ी में ग्राम स्वास्थ्य षोषण दिवस मनाया गया। जहां 183 बच्चों और 23 गर्भवतियों का वजन, टीकारण, रक्तचाप, पेशाब की जांच की गई।
कार्यक्रम अधिकारी ने सोयाबीन, पंजीरी, नैपकिन, सेनेटरी का वितरण किया। इस मौके पर एडीओ, डीपीओ सहित आंगनबाड़ी, सीडीपीओ, सुपरवाइजर, आशाएं, ग्राम प्रधान, कोटेदार सहित किशोरियां व महिलाएं मौजूद रहे।