इक्का-दुक्का बोगियों के गेट खुले मिलने पर उसमें सवार होने को जद्दोजहद करते यात्री। संवाद
- फोटो : इक्का-दुक्का बोगियों के गेट खुले मिलने पर उसमें सवार होने को जद्दोजहद करते यात्री। संवाद
महोबा। महाकुंभ में स्नान के लिए जाने वालों का रेलवे स्टेशनों में रेला उमड़ पड़ा। मेला स्पेशल ट्रेनें खचाखच भरी होने से यात्री परेशान रहे। रात 11 बजे आई मेला स्पेशल ट्रेन की अधिकांश बोगियों के गेट नहीं खुले। तब यात्रियों ने हंगामा शुरू कर दिया। जीआरपी पुलिस बोगियों के गेट खुलवाने के लिए मशक्कत करती रही। इक्का-दुक्का बोगियों के गेट खुले होने पर उसमें सवार होने के लिए यात्री जद्दोजहद करते रहे लेकिन अधिकांश यात्री ट्रेन में नहीं चढ़ सके।
महाशिवरात्रि पर 26 फरवरी को महाकुंभ का अमृत स्नान है। ऐसे में महोबा के अलावा छतरपुर, नौगांव, पन्ना समेत कई जिलों से हजारों श्रद्धालु प्रयागराज जा रहे हैं। शनिवार की रात जिले की सीमा से लगे हरपालपुर, घुटई व महोबा स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़ जुटी। रात में तीन मेला स्पेशल ट्रेनें गुजरी लेकिन भीड़ अधिक होने से यात्रियों को खड़े होने की भी जगह नहीं मिली। रात में आई मेला स्पेशल ट्रेन की अधिकांश बोगियों के दरवाजे बंद रहे।
स्टेशन पर मौजूद यात्री रामबाई ने बताया कि वह अपने दस वर्षीय बेटे अमन के साथ स्टेशन पर प्रयागराज जाने के लिए आई थी। तीन ट्रेनें निकल गई लेकिन वह उसमें सवार नहीं हो सकी। अब अगली ट्रेन का इंतजार कर रहे हैं। यात्री प्रदीप, कौशल, रामदीन ने बताया कि मेला स्पेशल ट्रेनों के अंदर से गेट बंद थे। खुलवाने का प्रयास किया। पुलिस ने भी कोशिश की लेकिन गेट नहीं खोले गए। अब वह बस से प्रयागराज जाएंगे।
इक्का-दुक्का बोगियों के गेट खुले मिलने पर उसमें सवार होने को जद्दोजहद करते यात्री। संवाद- फोटो : इक्का-दुक्का बोगियों के गेट खुले मिलने पर उसमें सवार होने को जद्दोजहद करते यात्री। संवाद