चरखारी (महोबा)। खाद और बीज की एजेंसी देने के नाम पर शातिरों ने नगर पालिका चरखारी के पूर्व अध्यक्ष अरविंद सिंह चौहान और बार एसोसिएशन चरखारी के पूर्व अध्यक्ष मंगल सिंह राजूपत समेत जिले के कई लोगों से 15 लाख से अधिक की ठगी की। पीड़ितों ने चरखारी थाने में तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने मामला साइबर क्राइम का होने की बात कहकर टरका दिया।
चरखारी के हटवारा मोहाल निवासी नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष अरविंद सिंह चौहान का क्षेत्र में किसान सेवा केंद्र है। उन्होंने बताया कि 23 अक्तूबर को तीन-चार युवक उनके यहां आए और खुद को फारमर एग्रो कल्चर फल्टलाइजर कंपनी का प्रतिनिधि बताया। उन्होंने कंपनी की एजेंसी देने की बात कही।
अरविंद के मुताबिक वह शातिरों की बातों में फंस गए और 20 हजार 500 रुपये शातिरों के बैंक खाते में जमा कर दिए। इसके बाद आरटीएस के माध्यम से 1 लाख 89 हजार 500 रुपये शातिरों के एक्सिस बैंक के खाते में जमा किए थे।
बताया कि शातिरों ने पहले चार नवंबर और फिर सात नवंबर को बीज और खाद की डिलीवरी कराने का भरोसा दिया। तय तारीख तक जब सामान नहीं आया, तो उन्होंने फोन किया तो वह स्विच आफ मिला। तब उन्हें ठगी का पता चला।
अरविंद ने बताया कि शातिरों ने उन्हें ही नहीं बार एसोसिएशन चरखारी के पूर्व अध्यक्ष मंगल सिंह राजूपत, गौरिहारी के किसान बाघराज, बेलाताल, पनवाड़ी के एक होमगार्ड समेत जिले के कई लोगों से एजेंसी देने के नाम पर 15 लाख से अधिक की ठगी की है।
उन्होंने चरखारी थाने में अंकित वर्मा, मोहित कुमार (एएम) और विनय कुमार सिंह (एओ) के खिलाफ तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने साइबर क्राइम से जुड़ा मामला बताकर टरका दिया। उन्होंने डीएम, एसपी और एसडीएम को भी अर्जी दी है।