महोबा। किशोरी से छेड़छाड़ के चार साल पुराने मामले में अपर सत्र न्यायाधीश व विशेष न्यायाधीश लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम संदीप चौहान ने बुधवार को फैसला सुनाया। कोर्ट ने दोषी रम्मू चौरसिया को चार वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 12 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
शहर के एक मोहल्ला निवासी युवक ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उसकी 14 वर्षीय बेटी को पड़ोस का ही रम्मू चौरसिया आएदिन परेशान करता था। बेटी ने भय के चलते यह बात किसी को नहीं बताई। 14 अप्रैल 2021 की शादी बेटी घर पर अकेली थी। तभी युवक घर में घुस गया और किशोरी का हाथ पकड़कर कमरे में घसीटते हुए ले जाने लगा। शोर-शराबा मचाने पर गला काट देने की धमकी दी। बाद में आरोपी भाग गया। 15 अप्रैल को जब परिजन वापस लौटे तो किशोरी ने मां को पूरी बात बताई। बदनामी के डर से परिजनों ने पुलिस से शिकायत नहीं की। अगले दिन फिर किशोरी को परेशान करने पर 16 अप्रैल को पिता ने कोतवाली में तहरीर दी। पुलिस ने छेड़खानी समेत विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया था। बुधवार को अदालत ने अभियुक्त को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।