महोबा/कबरई। जिलाधिकारी ने बुधवार को प्राचीन तालाबों व धार्मिक स्थलों का निरीक्षण किया। उन्होंने तालाबों से कब्जे हटाए जाने और तालाबों की बाउंड्रीवॉल निर्माण के लिए इस्टीमेट तैयार करने के निर्देश दिए। कई प्राचीन घाटों
डीएम गजल भारद्वाजने सबसे पहले कबरई स्थित ब्रह्मताल (वर्मा) तालाब का निरीक्षण किया। उन्होंने एसडीएम को तालाब को अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश दिए। पर्यटन व पुरातत्व विभाग के अधिकारियों से कहा कि ब्रह्मताल का समेकित पर्यटन विकास किया जाए। तालाब का पहुंच मार्ग, पर्यटकों के बैठने व छाया की व्यवस्था की जाए। तालाब की बाउंड्रीवाल, इंटर लॉकिंग, शौचालय का इस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा जाए। ताकि, तालाब का संरक्षण हो सके। इसके बाद डीएम ने मकरबई गांव में स्थित मठ का निरीक्षण किया। उन्होंने मठ में नियमित रूप से सफाई कराने व गांव के तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश दिए।
इसके बाद डीएम शहर के विजय सागर पक्षी विहार पहुंचीं। उन्होंने कहा कि यहां आने वाले पर्यटकों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। पुरातत्व विभाग को घाटों को संरक्षित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मदन सागर व खखरामठ का निरीक्षण कर साफ-सफाई की समीक्षा की। पालिका ईओ को निर्देश दिए कि तालाब की नियमित रूप से सफाई कराई जाए और जलकुंभी हटवाई जाए। पुरातत्व विभाग को निर्देश दिए कि मदन सागर की जमीन पर बाउंड्री वाल बनाकर उसे संरक्षित किया जाए। उन्होंने खखरामठ के फ्लोटिंग ब्रिज की मरम्मत कराकर जल्द चालू करने के निर्देश पर्यटन अधिकारी को दिए। जैन तीर्थंकर के निरीक्षण में डीएम ने पुरातत्व विभाग को पेयजल की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए। इस दौरान एडीएम राम प्रकाश, एसडीएम सदर जितेंद्र सिंह, पर्यटन अधिकारी डॉ. चित्रगुप्त श्रीवास्तव, ईओ अवधेश कुमार आदि मौजूद रहे।