महोबा। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी रामेश्वर प्रसाद पाल ने विकासखंड पनवाड़ी के दो दर्जन से ज्यादा विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्य के प्रति लापरवाही बरतने, अपने एवज में दूसरे से शिक्षण कार्य कराने के मामले में दो प्रधानाध्यापकों सहित चार टीचरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया, जबकि अन्य विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान 16 टीचरों के अनुपस्थित पाए जाने पर एक दिन का वेतन काटा गया है।
जिला बेसिक शिक्षाधिकारी ने गुरुवार को प्राथमिक विद्यालय बागौल का निरीक्षण किया, निरीक्षण के दौरान प्रधानाध्यापक गोपी प्रसाद अनुरागी के स्थान पर एक दूसरा युवक पढ़ाता मिला। जिस पर प्रधानाध्यापक गोपीप्रसाद अनुरागी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। वहीं पूर्व माध्यमिक विद्यालय लोहरगांव में दस बजे तक विद्यालय बंद पाए जाने पर प्रधानाध्यापक शिवकुमार तिवारी पर भी निलंबन की कार्रवाई की गई। इसके उन्होंने प्राथमिक विद्यालय निसवारा का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रधानाध्यापक रुचि शुक्ला अनुपस्थित पाई गई। निरीक्षण में मौजूद अधिकारियों ने बताया कि पूर्व में भी निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित मिली थी, जिस पर बीएसए ने रुचि शुक्ला को भी निलंबित कर दिया। निरीक्षण के दौरान प्राथमिक विद्यालय कुआं खोड़ा में सहायक अध्यापक प्रियंका निरंजन अनुपस्थित पाईं र्गइं। ग्रामीणों ने बताया कि सहायक अध्यापिका अक्सर विद्यालय से नदारत रहती हैं, जिस पर बीएसए ने प्रियंका निरंजन को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया, जबकि दो विद्यालयों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। निरीक्षण के दौरान विद्यालय से अनुपस्थित पाए गए 16 टीचरों का एक दिन का वेतन काटा गया। निरीक्षण दौरान जिला समन्वयक दिनेश सोनी, अवनी मिश्रा, एबीआरसी रामअवतार यादव, डा. उमाशंकर कौशिक शामिल थे।