हमीरपुर। पूर्व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति मंगलवार को एक गैर जमानती वारंट मामले में सीनियर डिवीजन कोर्ट में पेश हुईं। यहां पर उनके अधिवक्ता ने प्रथम जमानत पत्र दाखिल किया। इस पर न्यायाधीश निहारिका जायसवाल ने अर्जी को स्वीकार करते हुए जमानत मंजूर की। इसके बाद वह कोर्ट से बाहर आ पाईं।
जानकारी के अनुसार पूर्व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति वर्ष 2007 के चुनाव में हमीरपुर आई हुई थीं। यहां चुनाव के दौरान बयान और जानबूझकर किसी की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर प्राथमिकी दर्ज हुई थी। उस समय निर्वाचन में लगे परियोजना निदेशक एस नारायण शुक्ल ने दो अप्रैल 2007 को हमीरपुर कोतवाली में पांच लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें पूर्व सांसद अशोक चंदेल, पूर्व विधायक शिवचरण प्रजापति, राज्य सभा सांसद बाबूराम निषाद, ओमप्रकाश उर्फ मधु महाराज और पूर्व मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति के नाम शामिल थे। इन सभी पर 427 व 171G की धाराएं लगाई गई थीं। उक्त मामला एसीजीएम कोर्ट में आया और तारीख दी गई तो एक भी अभियुक्त हाजिर नहीं हुआ। कोर्ट की ओर से लगातार सूचना दी गई। इसके बाद पांचों के विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी हो गया। शिवचरन प्रजापति व बाबूराम निषाद ने कुछ समय पहले ही जमानत करवा ली थी।
मंगलवार को दोपहर बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति एसीजीएम कोर्ट पहुंची। आज यह कोर्ट बैठी नहीं थी। यहां पर उनके अधिवक्ता राजकुमार सिंह उन्हें लेकर इंचार्ज न्यायाधीश निहारिका जायसवाल की कोर्ट सीनियर डिवीजन पहुंचे और उन्हें हाजिर किया। कोर्ट ने उन्हें कस्टडी में लिया। अधिवक्ता द्वारा जमानत याचिका दाखिल की गई। न्यायाधीश ने सुनवाई करते हुए जमानत को मंजूर कर दिया। इसके लिए 20-20 हजार के बंध पत्र दाखिल किए गए। कोर्ट से बाहर आने पर नगर पालिकाध्यक्ष कुलदीप निषाद, कुरारा ब्लॉक प्रमुख आशीष पॉलीवाल मौजूद रहे।
समय की कीमत का हुआ अहसास
पूर्व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरजंन ज्योति को आज समय की कीमत का अहसास जरूर हुआ होगा। वह लगभग एक बजे सीनियर डिवीजन कोर्ट में पेश हुई थीं। इसके बाद एसीजीएम कोर्ट में रहीं। शाम को 4:35 पर जब रिहाई का आदेश आ गया तब जाकर बाहर आ पाईं। लगभग साढ़े तीन घंटे तक उन्हें कोर्ट में रहना पड़ा। इस दौरान वह शासकीय अधिवक्ता एवं अन्य अधिवक्ताओं से बातचीत करती रहीं। कुछ समय तो उन्हें अपराधी की ही तरह खड़े रहना पड़ा।
बस मुस्कराईं और चल दीं
पूर्व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति जब कोर्ट से बाहर आईं तो वह कुछ बोलीं नहीं। बस इतना कहा कि राजनीति में इन सबका सामना तो करना ही पड़ता है। मुझे कोर्ट की तारीखों की कोई सूचना नहीं मिली। अगर होती तो हम कोर्ट में अवश्य पेश होते। एक अन्य सवाल के जवाब में वह कुछ बोलीं नहीं बस मुस्कराईं और गाड़ी में बैठकर निकल गईं।