एक सप्ताह पहले पूर्व पुलिस अधीक्षक के क्रेशर से
बदमाशों द्वारा फोरमैन को बंधक बनाकर साढ़े तीन लाख रुपये की लूटकांड का
पुलिस ने पर्दाफास कर दिया। लूटकांड में फोरमैन और पूर्व मुनीम ही लुटेरे
निकले। घटना में शामिल फोरमैन, पूर्व मुनीम सहित पांच लोगों को पुलिस ने
गिरफ्तार कर लिया है।
कानपुर-सागर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पूर्व पुलिस अधीक्षक रामसेवक ने कमल ग्रेनाइट के नाम से क्रेशर खोला था। जो आज भी संचालित है। चार मई को कमल ग्रेनाइट के फोरमैन रामस्वरूप पुत्र राजा यादव, भाई हालू पुत्र राजा यादव, पूर्व मुनीम धरमू पुत्र रजवा साहू सहित पांच लोगों ने लूटकांड की घटना को अंजाम दिया था। फोरमैन और पूर्व मुनीम को कहां कटर रखा है, कितना पैसा आता है इस बात की जानकारी थी। तभी धरमू, हालू सहित चार लोगों ने फोरमैन रामस्वरूप को क्रेशर में बांधकर डालने का नाटक रचा और साढ़े तीन लाख रुपये लेकर फरार हो गए। कबरई पुलिस द्वारा क्रेशर के फोरमैन रामस्वरूप से लिए गए बयान के दौरान रामस्वरूप ने हर बार बयान बदलकर दिए। जिससे पुलिस ने शंका के आधार पर उसके मोबाइल को सर्विलांस में लगा दिया। उधर कबरई थानाध्यक्ष चंचल यादव, कांस्टेबल हरमेश मिश्रा, बबलेश और मनोज तिवारी के अलावा क्राइम ब्रांच के अमित कुमार और वीरेंद्र कुमार भी लूटकांड का खुलासा करने के लिए जुटे रहे। मोबाइल पर रामस्वरूप, धरमू और हालू की बातचीत भी रिकार्ड की गई। सबूत मिलने पर कबरई पुलिस और क्राइम ब्रांच ने छापा मारकर क्रेशर के फोरमैैन रामस्वरूप के पास से 60 हजार, पूर्व मुनीम धरमू के पास से 40 हजार और हालू के पास से 50 हजार रुपये पुलिस ने बरामद किए। जबकि दो बदमाशों की पुलिस तलाश में जुट गई है। वर्ष 1996 में महोबा में पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात रहे रामसेवक का क्रेशर होने के कारण पुलिस ने दिन रात जुटकर लूटकांड का पर्दाफाश कर दिया। जबकि पूर्व में हुईं एक दर्जन से ज्यादा घटनाओं का पुलिस खुलासा नहीं कर सकी।
पुलिस टीम को मिलेगा इनाम
पुलिस अधीक्षक केके गहलोत ने साढ़े तीन लाख रुपये की कमल ग्रेनाइट से हुई लूटकांड की घटना का खुलासा करने वाली क्राइम ब्रांच और थाना कबरई की पुलिस टीम को पांच हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है। दस मई को इनाम देकर पुलिस कर्मियों को सम्मानित किया जाएगा।