कस्बे में नियमित गंदे पानी की जलापूर्ति होने से संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ गया है। जल संस्थान द्वारा फिल्टर प्लांट की सफाई न किए जाने और बांध में उच्चीकरण कार्य के चलते गंदे पानी की आपूर्ति होने से कस्बे के लोग गंदा पानी पीने को मजबूर है।
कस्बे के अंदर जल संस्थान के द्वारा 35 किमी पाइप लाइनों का जाल बिछाया गया है। पहाड़ी इलाका होने के कारण यहां बोरिंग सफल नहीं हैं, जिससे यहां के लोगों को पाइप लाइन से जलापूर्ति की जाती है। कस्बे के शंकरलाल सोनी, प्रीतम प्रसाद निगम, नोखेलाल, देवेंद्र गुप्ता, मनोज प्रजापति आदि ने जिलाधिकारी को दिए गए ज्ञापन में बताया कि कस्बे में कबरई बांध के किनारे जल संस्थान का फिल्टर प्लांट बना है। जहां कबरई बांध से साइफन के माध्यम से पानी खींचकर प्लांट में साफ कर आपूर्ति की जाती है। यहां बने फिल्टर प्लांट की महीनों से साफ-सफाई नहीं कराई गई है और न ही वहां फिल्टर ग्रेवल और फिटकरी मिलाकर पानी को साफ कराने का प्रयास किया जाता है, जिससे बांध के गंदे पानी की आपूर्ति की जा रही है। कस्बे के लोगों की मांग के बावजूद जल निगम फिल्टर की सफाई नहीं करा रहा है। जिससे लोगों को मजबूरन गंदा पानी पीना पड़ रहा है। जिससे यहां संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ता जा रहा है। वहीं क्षेत्र के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति कभी-कभी ही हो पाती है। जिलाधिकारी से कस्बे के लोगों ने मांग की है कि फिल्टर प्लांट की सफाई कराकर शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जाए। इस संबंध में अवर अभियंता एसके वर्मा ने बताया कि बांध की खुदाई के कारण कभी-कभी पानी गंदा आता है, फिर भी मौके पर जाकर जांच के बाद फिल्टर को फिर से साफ कराकर जलापूर्ति की जाएगी।