महोबा। आत्महत्या के लिए उकसाने के चार साल पुराने मामले में अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर प्रथम ध्रुव राय ने फैसला सुनाया। दोष सिद्ध होने पर सलमान को पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
कस्बा चरखारी के मोहल्ला वासुदेव निवासी रामस्वरूप ने नौ अप्रैल 2022 को कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि सात अप्रैल को उसकी 21 वर्षीय बेटी ने फंदा लगा लिया। परिजन ने उसे फंदे से नीचे उतारा। तब उसकी सांसें चल रही थीं। वह बेटी को सीएचसी चरखारी लाए। जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। बेटी के कपड़ों की जेब से एक सुसाइड नोट भी मिला था। जिसमें सलमान निवासी भैरवगंज चरखारी का नाम लिखा था। सुसाइड नोट में बेटी ने लिखा था कि सलमान ने उसे लव जिहाद को मजबूर किया। इस कारण वह आत्महत्या कर रही है और इसकी वजह सलमान है। उसने मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। इसे दंड मिलना चाहिए। पुलिस ने मामले में आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किए। कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया।