महोबा। जमीन के विवाद में मारपीट और एससीएसटी एक्ट के 10 साल पुराने मामले में अपर सत्र न्यायाधीश व विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट लखविंदर सिंह सूद ने मंगलवार को फैसला सुनाया। कोर्ट ने पांच दोषियों परमलाल, हज्जी, हरिचरण, राजू व जियालाल को तीन-तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।
सभी पर चार-चार हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
थाना पनवाड़ी के स्योढ़ी गांव निवासी चतुर्भुज का गांव के ही कुछ लोगों से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसी खुन्नस में 18 अगस्त 2015 की दोपहर चतुर्भुज के पिता अमरजू को पांच लोगों ने रोककर बेरहमी से मारा पीटा और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। तहरीर के आधार पर पुलिस ने परमलाल, हज्जी, हरिचरण, राजू व जियालाल के खिलाफ मारपीट और एससीएससी एक्ट की रिपोर्ट दर्ज की थी। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया था। मंगलवार को अदालत ने पांचों अभियुक्तों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।