पत्नी से सरेआम मारपीट करने के बाद एक युवक ने कुछ महीने पहले उसे घर से बाहर निकाल दिया। मायके में आकर बच्चों के साथ किराये के कमरे में जैसे-तैसे गुजर-बसर कर रही महिला पर पति के जुर्म का सिलसिला फिर भी नहीं थमा। दो दिन पहले उसने फोन पर तलाक-तलाक-तलाक कह कर पत्नी से नाता तोड़ लिया। आहत महिला ने डीआईजी, कमिश्नर के बाद थानाध्यक्ष कबरई को शिकायती पत्र न्याय की गुहार लगाई है।
वर्ष 2009 में कस्बा कबरई के किदवईनगर निवासी मुबीना पुत्री जहूर की शादी खुटला बांदा निवासी शब्बीर अहमद पुत्र रहमत के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही ससुरालीजन प्रताड़ित करते थे। मुबीना ने बताया कि आए दिन दहेज की मांग को लेकर उसकी मारपीट करते थे। कुछ माह पहले उसकी सरेआम मारपीट कर घर से निकाल दिया था। रातभर दरवाजे पर लेटे रहने के बाद सुबह वह अपने मायके कबरई आ गई।
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कबरई में माता-पिता के यहां मात्र एक कमरा होने से महिला ने किराये का मकान पड़ोस में ले लिया और एक प्राइवेट स्कू ल में पढ़ाने लगी। बेहद कम मानेदय मिलने के कारण महिला रात में सिलाई और सुबह शाम ट्यूशन करके बच्चों की परवरिश कर रही है।
दो दिन पहले पति ने मोबाइल से उसे तलाक दे दिया। इससे आहत होकर महिला ने थानाध्यक्ष कबरई को शिकायती पत्र न्याय की गुहार लगाई। वह कमिशभनर और डीआईजी को भी इस संबंध में शिकायती पत्र सौंप कर न्याय की गुहार लगा चुकी है। उधर, कार्यवाहक थानाध्यक्ष विमल सिंह का कहना है कि किसी महिला ने व्यक्तिगत रूप से उन्हें शिकायती पत्र नहीं सौंपा है। मामले की जानकारी करेंगे।