जिले में मंगलवार को हुए भीषण अग्निकांड में एक दर्जन घर जलकर राख हो गए। आग लगने की सूचना मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। इसी बीच आई तेज आंधी और तूफान से आग ने विकराल रूप धारण किया। ग्रामीणों और दमकल टीम ने आठ घ्ंाटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
थाना महोबकंठ के ग्राम खलौरा में शाम सात बजे राजकुमार उर्फ कल्लू पटेल ने मच्छरों से बचाव के लिए कंडे जलाकर धुआं किया था। देर शाम आई तेज आंधी से निकली चिंगारी से पास में रखी घास में आग लग गई। तेज हवाओं के झोंकों ने कच्चे मकान को चपेट में ले लिया। मकान में आग लगी देख ग्रामीण आग बुझाने में जुट गए। लेकिन हवाओं के लगातार तेज होने से पड़ोसी महेश चंद्र पटेल के मकान को चपेट में ले लिया। इसके बाद आग फूल सिंह के मकान में भी लग गई। आग से गया प्रसाद, धर्मेंद्र पटेल, रामप्रसाद के मकान भी जलने लगे। आग पर काबू होता न देख ग्रामीणों ने दमकल विभाग को सूचना दी। मौके पर पहुंचे दमकल जवानों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर आठ घंटे बाद आग पर काबू पाया। उधर ग्राम रजौनी में तुलसीदास के मकान में आग लगने से दरवाजे पर खड़ा टेंपो व गृहस्थी का सामान जल गया। पहले से ही चल रही आंधी ने पड़ोसी रामपाल के मकान को चपेट में ले लिया। जिससे रामपाल का मकान भी जलकर राख हो गया। अग्निकांड की घटनाओं में लगभग तीन लाख रुपये का नुकसान हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी वीरेश्वर सिंह, उप जिलाधिकारी कुलपहाड़ मोहम्मद रिजवान ने रात में ही घटनास्थल का जायजा लिया। श्रीनगर प्रतिनिधि के अनुसार, थाना श्रीनगर के ग्राम बिलरही निवासी खेम राजपूत ने मच्छरों से बचाव के धुआं किया था। लेकिन कुछ समय बाद आई तेज आंधी से मकान में आग लग गई जिससे पूरा मकान जलकर राख हो गया। जिससे घर में रखी लाखों रुपये की खाद्य सामग्री व गृहस्थी का सामान जल गया। आग की लपटों ने पड़ोसी कल्लू के मकान को चपेट में ले लिया। उधर ग्राम सिजहरी में परशुराम राजपूत के खेत में आग लग जाने से उसका दस बोरा मटर, दस बोरा लाही, बारह बोरा चना और सौर ऊर्जा का प्लांट जलकर राख हो गया।