कर्मचारियों की बैंकों में सैलरी तो आ गई लेकिन, बैंकों में पैसा कम होने के कारण कर्मचारियों को कई किश्तों में सैलरी निकालने के लिए बैंकों में लाइन लगानी पड़ेगी। शुक्रवार को पहले दिन बैंकों में भीड़ देखकर कर्मचारी बिना सैलरी निकाले ही वापस आ गए। एक मुश्त सैलरी न मिलने से उनका घरेलू
बजट गड़बड़ा गया है।उद्यान विभाग में तैनात सुलेमान, नगर पालिका में तैनात अरुण कुमार शुक्ला का कहना है कि सैलरी निकालने के लिए बैंक तो पहुंचे लेकिन बैंक में लगी लंबी लाइनों को देखकर वह बिना सैलरी निकाले बैरंग लौट आए। उनका कहना है कि अब एकमुश्त सैलरी न मिलने से उन्हें आफिस
छोड़कर सैलरी के लिए लाइन लगानी पडे़गी। शिक्षक नेता सुशील कुमार त्रिपाठी, दयाराम वर्मा कहते है कि अब सैलरी निकालने के लिए माह में कई बार छुट्टी लेनी पड़ेगी। उनका कहना है कि एक बार में सैलरी न मिलने से रूटीन गड़बड़ा गया है। बच्चों की समय से स्कूल और ट्यूशन फीस भी नही भर पा रहे हैं।
बैंकों ने नहीं खोले अतिरिक्त काउंटर
कर्मचारियों की सैलरी वितरण के लिए बैंकों ने अतिरिक्त काउंटर नही लगाए हैं। जिससे अब कर्मचारियों और शिक्षकों को ग्राहकों की भीड़ में ही लगकर सैलरी निकालनी पड़ेगी। इससे कर्मचारियों और शिक्षकों को लाइन पर लगने के लिए अब छुट्टी लेकर आना पड़ेगा।
पेट्रोल पंपों में नहीं दिखी भीड़
शुक्रवार को पेट्रोल पंपों में 500 के नोट चलाने का आखिरी दिन होने के बाद भी पेट्रोल पंपों में भीड़ नही जुटी। रोज की तरह पेट्रोल पंपाें में लेनदेन होता रहा। पेट्रोल पंपों में सारा दिन न तो डीजल भराने के लिए ट्रैक्टर और बैलगाड़ियां आईं।