मां के नौ स्वरूपों की आराधना करते भक्त।
- फोटो : MAHOBA
महोबा। हाथों में पूजा का थाल लिए महिलाओं के जत्थे भोर से ही देवी मंदिर पहुंचने लगे थे। चैत्र नवरात्र के पहले दिन भक्तों ने मां के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री की आराधना की। शक्तिपीठ मां बड़ी चंद्रिका देवी मंदिर में कई जनपदों से भक्त पहुंचे। मां के दरबार में माथा टेकने के बाद भक्तों ने मेले में सजी दुकानों से खरीदारी की। बच्चों ने झूलों का लुत्फ उठाया। हर तरफ माता के जयकारों की गूंज रही।
मां बड़ी चंद्रिका देवी मंदिर, छोटी चंद्रिका मंदिर, कालीमाता मंदिर, सिंहवाहिनी, विंध्यवासिनी, मां महेश्वरी देवी समेत सभी देवी-मंदिरों में सुबह से ही पूजा-अर्चना के लिए भक्तों की भीड़ जुटी। लोगों ने परिवार सहित मंदिरों में पहुंचकर माथा टेका। साधकों ने जवारा बोकर नौ दिन का व्रत शुरू किया। दो वर्ष से कोरोना संक्रमण के चलते मंदिरों में बेहद कम संख्या में भक्तों को प्रवेश दिया जा रहा था, लेकिन इस बार भव्य मेले के साथ पूजा-अर्चना का दौर शुरू हुआ है।
कुलपहाड़ के बगराजन धाम, मां पीताम्बरा मंदिर, मां अन्नापूर्णा मंदिर, गायत्री मंदिर, संतोषी माता मंदिर में सुबह से ही भक्त पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे। देर शाम तक भक्तों के आने-जाने का सिलसिला चलता रहा। बगराजन मंदिर में रविवार से भागवत कथा होगी। कबरई संवाद के अनुसार पांच पहाड़ी मंदिर में भोर से ही भक्त पहाड़ पर विराजमान माता के दरबार में पहुंचे और माथा टेककर सुख-समृद्घि की कामना की। चरखारी संवाद के अनुसार मदारन देवी मंदिर में नौ दिवसीय मेला शुरू हो गया। दूर-दराज से पहुंचे भक्तों ने प्रसाद चढ़ाकर आराधना की।