संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। अपर जिला सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार मौर्या ने दरवाजे पर खड़ी एक महिला को लाठी-डंडों और कुल्हाड़ी से घायल करने के मामले में पिता, पुत्र और मां को एक-एक साल की सजा और 1500-1500 रुपये जुर्माना ठोंका। जुर्माना अदा न करने पर तीनों को 15-15 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। अदालत ने तीनों अभियुक्तों को मुचलके पर रिहा कर दिया।
थाना अजनर के स्यावन गांव निवासी रामचरण की पत्नी रामदेवी श्रीवास 10 जुलाई 2010 को शाम छह बजे दरवाजे पर पड़ोसी अनीता से बात कर रहीं थी। तभी गांव के ही रवि राजपूत, उसके पिता नृपत राजपूत और मां सगुन ने लाठी-डंडों और कुल्हाड़ी से घायल कर दिया था। इस मामले में रामदेवी ने थाना अजनर में तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
बुधवार को अदालत ने दोनों पक्षों के गवाह और बहस सुनने के बाद रवि, उसके पिता नृपत राजपूत और मां सगुन को दोषी ठहराते हुए एससी/एसटी एक्ट में एक-एक साल की सजा और एक हजार रुपये का जुर्माना ठोंका। विशेष लोक अभियोजक एससी/एसटी एक्ट प्रमोद पालीवाल ने बताया कि जान से मारने की धमकी देने पर छह-छह माह की सजा और 500-500 रुपये जुर्माना ठोंका। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेगी।