चरखारी (महोबा)। फसल बर्बाद होने से परेशान किसान शनिवार को लामबंद होकर समाधान दिवस के दौरान तहसील परिसर पहुंचे। यहां किसानों ने बर्बाद फसल की क्षतिपूर्ति की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। बाद में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम गजल भारद्वाज को सौंपा।
तहसील क्षेत्र के बम्हौरी बेलदारन, अस्थौन, गुढ़ा, बपरेथा समेत करीब 20 गांवों के किसान तहसील परिसर पहुंचे। इस दौरान किसानों ने प्रर्दशन करते हुए खराब फसलोंं की क्षतिपूर्ति मांगी। किसानों का आक्रोश देख एसडीएम प्रदीप कुमार बाहर आए और किसानों से वार्ता की। किसानों ने बताया कि अतिवृष्टि से फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गईं हैं। इससे किसान परेशान हैं। उन्हें क्षतिपूर्ति दिलाई जाए। जिस पर एसडीएम ने किसानों को क्षतिपूर्ति दिलाने का भरोसा दिया। तब जाकर किसान शांत हुए। इसके बाद किसानों ने तहसील सभागार में चल रहे समाधान दिवस में पहुंच कर डीएम को ज्ञापन सौंपा। किसान भगवानदास, ललिता प्रसाद, वीरनारायण, सुखलााल, रामफल, रामप्रकाश, जगदीश, गुड्डन, शिवकली, रूपरानी, चरण सिंह, मुन्ना, परशुराम, रामसेवक आदि ने बताया कि कि जून माह के अंत में मूंगफली, उर्द, मूंग, ज्वार, बाजरा, तिलहन आदि की फसलें बोई थीं। अधिक बारिश की वजह से फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई जबकि कुछ किसान बारिश के बाद फसल बोने का इंतजार कर रहे थे। बारिश जारी रहने से उन्हें फसल बोने का मौका ही नहीं मिला। ऐसे में किसानों के भरण-पोषण पर संकट आ गया है। फसलों का सर्वे कराकर किसानों को क्षतिपूर्ति दिलाई जाए। डीएम ने किसानों को समस्या के समाधान का भरोसा दिया।
खेतों में सर्वे के लिए नहीं जाते लेखपाल
चरखारी। प्रदर्शन कर रहे किसानों ने कहा कि बारिश से बर्बाद हुई फसल के नुकसान का सर्वे करने के लिए किसान खेतों पर नहीं जा रहे हैं। यहां-वहां बैठकर लेखपाल अपने हिसाब से रिपोर्ट लगा रहे हैं। लेखपालों की मनमानी से किसान परेशान हैं। गलत रिपोर्ट लगाई जाती है तो किसानों को बर्बाद फसल की क्षतिपूर्ति नहीं मिल सकेगी। एसडीएम ने आश्वासन दिया कि लेखपालों को फसल के नुकसान के सर्वे के लिए खेतों में पहुंचाया जाएगा। फसल बर्बाद होने से परेशान किसानों की हरसंभव मदद की जाएगी।