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मांगों को लेकर किसानों ने काटा बवाल

Tue, 30 Aug 2016 10:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, महोबा
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हंगामे के दौरान बोलते किसान नेता । - फोटो : अमर उजाला
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आठ सूत्रीय मांगों को लेकर बुंदेलखंड किसान यूनियन ने तहसील परिसर में जमकर बवाल काटा। किसानों की भीड़ ने एसडीएम कार्यालय में ताला जड़ कर अधिकारियों को जमकर कोसा। साथ ही चेतावनी दी जब तक किल्हौवा गांव का कोटेदार के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती तब तक किसान तहसील में धरना देते रहेंगे। किसानों के बवाल को देखते हुए जिला प्रशासन ने
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जिले भर की फोर्स बुला ली। धरने में बुंदेलखंड किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल कुमार शर्मा ने कहा कि किसान दैवीय आपदा से जूझ रहा है और अधिकारी मौज मार रहे हैं। उन्होंने कहा कि भ्रष्ट अधिकारियों को अब खदेड़ दिया जाएगा। सूखा राहत और अतिवृष्टि से हुए नुकसान का सही सर्वे न करने वाले लेखपालों से भी निपटा जाएगा। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रवण कुमार

शर्मा ने कहा कि 2015-16 किसान बर्बाद हो गया है। इसके बाद भी उन्हें राहत राशि नहीं दी जा रही है। आज भी किसान सूखे की चेकों के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहा है। खाद्य सुरक्षा के तहत अमीरों के राशन कार्ड बना दिए गए है और गरीब राशन कार्ड के लिए भटक रहा है इसकी जांच कराई जाए। जिलाध्यक्ष रामस्वरूप यादव ने कहा कि बुंदेलखंड के किसानों का
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संपूर्ण कृषि ऋण माफ किया जाए और 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर राहत राशि किसानों को दिलाई जाए। उधर, मांगों को लेकर जिले भर से आए सैकड़ों किसानों ने तहसील परिसर में जमकर हंगामा काटा। गुस्साए किसान नेताओं ने एसडीएम के कार्यालय में ताला जड़ दिया।

किसानों के बवाल के बाद राशन दुकान निलंबित
विकासख्ंाड पनवाड़ी के ग्राम किल्हौवा में सरकारी राशन विक्रेता द्वारा गेहूं में बालू मिलाने और मिट्टी के तेल में पानी की मिलावट करने, घटतौली करने और नियमित राशन का वितरण न किए जाने की ग्रामीणों की शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई न किए जाने से नाराज बुंदेलखंड किसान यूनियन ने मंगलवार को तहसील में प्रदर्शन कर बवाल काटा और धरने

पर बैठ गए। किसानों ने चेतावनी दी कि जब तक कोटेदार के खिलाफ कार्रवाई नही होगी तब तक धरना जारी रहेगा। देर शाम एसडीएम रामयश गौतम ने गांव पहुंचकर जांच की। जांच दौरान अनियमितताएं पाए जाने पर कोटेदार प्रताप सिंह राजपूत की दुकान निलंबित कर दी। इसके बाद किसानों ने धरना समाप्त किया।
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