अतिवृष्टि और ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसलों के मुआवजे को लेकर किसानों ने जिले भर के मुख्य मार्गों को जाम कर दिया। जिससे सारा दिन मार्गों में आवागमन ठप रहा। जाम में फंसे लोग पूरे दिन जाम से निकलने के लिए मार्ग खोजते रहे। वहीं कई वाहन चालकों ने संपर्क मार्ग का सहारा लेकर गंतव्य तक पहुंचे। राजस्व विभाग के अधिकारियों के मनाने व आश्वासन के बाद किसान रास्ते से हटे तब जाकर 5 घंटे बाद यातायात बहाल हुआ।
जिले में दो दिन तक हुई तेज बारिश औैर ओलावृष्टि ने किसानों को बर्बाद कर दिया है। ओलों से 80 फीसदी फसल जमींदोज हो जाने से परेशान किसानों ने मुआवजे की मांग को लेकर ननौरा-बेलाताल रोड पर रगौलिया गांव के पास चार घंटे तक जाम लगा दिया। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने मुआवजा दिलाए जाने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। जाम के चलते महोबा से बेलाताल, नौगांव, ननौरा, श्रीनगर आने जाने वाले तमाम वाहन जाम में फंस गए।
चरखारी प्रतिनिधि के मुताबिक, बार एसोसिएशन, किसान यूनियन और भाजपाइयाें के नेतृत्व में ग्राम रमपुरा, छेदीमऊ, अकठोहां, गुढ़ा, बम्हौरी बेलदारेन के सैकड़ों किसानों ने तहसील के सामने सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया। सूचना पाकर पहुंचे तहसीलदार अरविंद कुटार और किसानों के बीच खासी नोकझोंक हुई। तहसीलदार ने किसानों को बताया कि पिछले महीने हुई बारिश से बर्बाद फसलों का सर्वे कराकर 35 करोड़ रुपये का आंकलन कर रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। कबरई प्रतिनिधि के अनुसार, ओलावृष्टि से फसल बर्बाद होने से गुस्साए किसानों ने सोमवार को कानपुर-सागर राष्ट्रीय राजमार्ग पर छानीकला गांव में हाईवे जाम कर दिया। इसी बीच निकले प्रमुख सचिव कृषि ने मौके पर पहुंचकर किसानाें को समझाया कि किसान के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
तब जाकर लोगों ने उन्हें जाने दिया। पनवाड़ी प्रतिनिधि के मुताबिक, विकासखंड क्षेत्र के गांवाें में बारिश की मार झेल रहे किसानाें की रविवार की रात हुई ओलावृष्टि ने कमर तोड़ दी। इससे नाराज पनवाड़ी, किल्हौवा, गगौरा, जमाला, महुआ, छतेसर, पहाड़िया, बिजरारी, कौनिया, भरवारा, देवगनपुरा, सेंगरपुरा, परांपांतर, ब्यारजौ, टिंगरा सहित एक दर्जन से ज्यादा गांवाें के हजारों किसानों ने सुबह तकरीबन नौ बजे झांसी-मिर्जापुर हाईवे पर जमाला मोड़ पर जाम लगा दिया । जाम की सूचना मिलने पर पहुंचे उप जिलाधिकारी मोहम्मद रिजवान, सीओ जीपी यादव और तहसीलदार रामजी मौके पर पहुंच गए और किसानों को समझाने का प्रयास किया। एसडीएम ने किसानाें को आश्वस्त किया कि सीएम द्वारा मौके का निरीक्षण बाद में करने और पहले मुआवजा देने के आदेश दिए गए हैं।
खरेला प्रतिनिधि के अनुसार, बारिश और ओले से तबाह हुए किसानों ने सोमवार को महोबा-मुस्करा मुख्य मार्ग खरेला में नहर पुलिया के पास आड़े तिरछे ट्रैक्टर लगाकर रोड जाम कर दिया। भारतीय किसान यूनियन के श्यामबाबू सिंह, बुंदेलखंड किसान यूनियन के अवधेश तिवारी, कांग्रेस नगर अध्यक्ष जीतेंद्र तिवारी, सपा नगर अध्यक्ष राका, भाजपा के मनोज सिंह, चंद्रशेखर तिवारी के नेतृत्व में किसानों ने जमकर प्रदर्शन किया। सूचना मिलने पर एसडीएम नन्हकू और सीओ चरखारी धनंजय कुशवहा मौके पर पहुंच गए और किसानाें को समझाने का प्रयास किया। एसडीएम ने किसानों को बताया कि क्षतिपूर्ति के लिए 34.99 करोड़ रुपये की रिपोर्ट भेजी है।
भरवारा प्रतिनिधि के मुताबिक, झांसी-मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर ग्राम भरवारा में किसानों ने जाम लगा दिया। सुबह दस बजे से अपराह्न तीन बजे तक जाम लगा रहने से जाम में फंसे यात्री खासा परेशान रहे। चुरारी, भरवारा, रिछा, पठारी, चारुवा सहित आधा दर्जन गांवों के ग्रामीण जय सिंह राजपूत, दुर्बल सिंह, बारेलाल, ओमप्रकाश, हलकुट्टा, राधेश्याम, मुन्ना लोधी, गुलाब सिंह सहित तमाम किसानों ने घंटों प्रदर्शन किया।
कुलपहाड़ प्रतिनिधि के अनुसार ओलावृष्टि और अतिवृष्टि से तबाह हुई फसलाें के मुआवजे की मांग को लेकर सिरमौर, बम्हौरी, अतरपठा, सुगिरा, भटेवरा, लाड़पुर, मोहारी, सेला गांव के किसानाें ने कुलपहाड़ तहसील के सामने जाम लगा दिया। जिससे कस्बे में आवागमन ठप हो गया। जाम की खबर मिलने पर तहसीलदार रामजी गुप्ता मौके पर पहुंच गए और सर्वे कराकर रिपोर्ट शासन को भेजने की बात कही। इसके बाद किसान शांत होकर सड़क से हट गए। तहसील के सामने दो घंटे तक सड़क जाम रहने से आवागमन ठप हो गया। जिसे तमाम वाहन जाम में फंस गए। जिसके चलते लोगाें को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ा।
किसानाें की लड़ाई में कूदे पूर्व सांसद
चरखारी महोबा। जिले में ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसलों के मुआवजे को लेकर जहां विभिन्न दलाें के नेता शांत दिखाई दिए वहीं भाजपा नेता एवं पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत किसानों की इस लड़ाई में कूद पड़े और किसानाें के मुआवजे की मांग को लेकर तहसील में किसानाें के साथ जमकर प्रदर्शन किया।
बाद में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार अरविंद कुटार को सौंपा। तहसीलदार को दिए गए ज्ञापन में बताया कि यदि सरकार ने किसानाें की बात नहीं सुनी और संतोषजनक क्षतिपूर्ति की धनराशि नहीं दिलाई तो धरना प्रदर्शन के साथ-साथ हाईकोर्ट से मुआवजा के लिए याचिका दायर की जाएगी।
जाम की खबर से इधर से उधर दौड़ते रहे अधिकारी
जिले में हाईवे सहित अलग-अलग सड़काें पर मुआवजे की मांग को लेकर किसानाें द्वारा जाम लगाने से सारा दिन अधिकारी इधर से उधर भटकते रहे। एक स्थान पर जाम खुलवाने के बाद दूसरे मार्ग पर जाम लगने की खबर मिलने पर अधिकारियों ने वहां पहुंचकर सरकार को 50 प्रतिशत से ज्यादा खराब हुई फसल की भेजी गई रिपोर्ट का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। जिसके चलते एक-एक अधिकारी कई-कई स्थानों पर जाम लगने से सारा दिन इधर से उधर दौड़ते रहे।