बुंदेलखंड के किसानों की आठ सूत्रीय मांगों को लेकर सोमवार को किसानों ने कानपुर सागर राष्ट्रीय राजमार्ग हमीरपुर चुंगी के पास सड़क पर बैठकर धरना दिया। सैकड़ों की संख्या में उपस्थित किसानों ने दोनों तरफ से रास्ता जाम कर दिया। जिसके आवागमन ठप हो गया। मौके पर पहुंचे उपजिलाधिकारी और सीओ सदर ने किसानों को समझा बुझाकर दो घंटे बाद जाम खुलवाया। उधर कुलपहाड़ कस्बे में भी किसानों ने मुआवजा राशि की मांग को लेेकर हाईवे पर जाम लगा दिया।
बुंदेलखंड के किसानों को 50,000 रुपये प्रति हेक्टयर मुआवजा दिए जाने, जिले के सभी किसानों का कृषि ऋण माफ किए जाने, किसानों को कृषि कार्य के लिए मुफ्त बिजली पानी दिए जाने, किसानों को पेंशन लागू किए जाने सहित आठ सूत्रीय मांगों के लिए यूनियन के जिलाध्यक्ष रामस्वरुप यादव व किसान सिद्घार्थ के नेतृत्व में किडारी, पचपहरा, चांदो चंद्रपुरा, गंज, कालीपहाड़ी, शाहपहाड़ी, पसवारा सहित तमाम गांव के सैकड़ों किसानों ने कानपुर सागर हाईवे पर हमीपुर चुंगी के पास सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया, जिससे महोबा से कबरई, मौदहा कानुपर, लखनऊ, चित्रकूट, बांदा, इलाहाबाद आने जाने वाले तमाम वाहन जाम में फंस गए। तेज धूप में वाहन फंस जाने से यात्री खासा परेशान रहे। सड़क जाम करने की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे उपजिलाधिकारी प्रबुद्घ सिंह, सीओ सदर संदीप सिंह ने किसानों की समस्याओं का निराकरण के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर निराकरण कराने का आश्वासन दिया। जिससे बाद किसान सड़क से हटे। जिसके बाद करीब दो घंटे बाद यातायात समान्य हो सका। किसानों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में कृषि कार्य को मनरेगा से जोड़कर मूल्यांकन किए जाने, खान गेहूं, दलहनी फसलों का समर्थन मूल्य बढ़ाए जाने की मांग की गई। कुलपहाड़ प्रतिनिधि के अनुसार झांसी मिर्जापुर हाईवे पर गोंदी चौराहे कुलपहाड़ पर तमाम किसानों ने हाईवे पर बैठकर जाम लगा दिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जाम स्थल पर पहुंचे उपजिलाधिकारी मोहम्मद रिजवान ने किसानों को समझा बुझाकर जाम खुलवाया।