जिले में खाद को लेकर मारामारी से नाराज किसानों ने रविवार को जगह-जगह जाम लगाकर विरोध जताया। इसके चलते महोबा-मुस्करा मार्ग और झांसी-मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग एक घंटे तक जाम रहा।
बाद में अधिकारियों के आश्वासन के बाद जाम खुलवाया गया। जाम में फंसे यात्रियाें को ठंड के मौसम में खासी दिक्कत का सामना करना पड़ा।
पचपहरा साधन सहकारी समिति में शनिवार शाम को यूरिया खाद से भरा हुआ एक ट्रक आया, लेकिन सचिव ने अगले दिन खाद का वितरण किए जाने की बात कहकर किसानाें को टरका दिया। इस पर आधा सैकड़ा किसानों ने खाद के लिए गांव न जाकर पचपहरा साधन सहकारी समिति में डेरा जमा लिया।
सुबह किसानाें ने खाद की मांग की, लेकिन सचिव ने किसानों को खाद नहीं दी। किसानों ने आरोप लगाया कि समिति अध्यक्ष व सचिव ने महंगे दामों पर दूसरे लोगों को खाद दे दी है।
इससे नाराज किसानों ने रविवार को सुबह मुस्करा मार्ग पर समिति के सामने जाम लगा दिया। जिससे महोबा से चरखारी, खरेला, मुस्करा आने जाने वाले तमाम वाहन जाम में फंस गए।
जाम लगने की खबर लगते ही सीओ सदर संदीप कुमार ने मौके पर जाकर किसानों को उचित रेट पर खाद उपलब्ध कराने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। इसके बाद बारात पहाड़ी, नथूपुरा, छिकहरा, चांदो, पचपहरा से आए किसान वापस लौट गए।
लाड़पुर प्रतिनिधि के अनुसार, साधन सहकारी समिति अतरपठा में यूरिया खाद न मिलने पर महेंद्र सिंह, देवेंद्र सिंह, अरविंद सिंह, जगत सिंह सहित एक सैकड़ा किसानों ने झांसी-मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर समिति के सामने सड़क पर जाम लगाया।
जिससे महोबा से कुलपहाड़, पनवाड़ी, राठ, झांसी, ग्वालियर आने जाने वाले तमाम वाहन जाम में फंस गए। सूचना मिलने पर सीओ कुलपहाड़ जेपी यादव मौके पर पहुंच गए और किसानों की समस्या सुनने के बाद साधन सहकारी समिति के सचिव गजाधर यादव से बात की।
सचिव ने बताया कि 500 बोरी खाद आई थी, जिसमें 350 बोरी खाद बंट चुकी है। समिति में 150 बोरी खाद और किसान अधिक होने के कारण समस्या आ रही है। सचिव ने 22 दिसंबर को खाद का वितरण करने की बात कही। इसके बाद किसान शांत हुए।