फोटो 05 एमएएचपी 07 परिचय-कीरत सागर मार्ग पर बिना हेलमेट गुजरते एक बाइक पर सवार चार लोग। संवाद
महोबा। यातायात नियमों के प्रति लापरवाही जानलेवा साबित हो रही है। जिले में हर तीसरे दिन सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो रही है। परिवहन विभाग के आंकड़ों के हिसाब से सड़क हादसों के मामलों में महोबा में पिछले वर्षों का रिकॉर्ड टूट गया है। बुधवार को संवाद टीम ने जब यातायात माह की मौके पर पड़ताल की तो शहर के प्रमुख चौराहों पर ही कई ऐसे वाहन संचालित दिखाई दिए, जो जिम्मेदारों की नाक के नीचे नियमों को दरकिनार करते हुए फर्राटा भरते रहे।
वाहन चालक यातायात नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। जनपद से दो नेशनल हाईवे कानपुर-सागर व झांसी मिर्जापुर नेशनल हाईवे गुजरे हैं। बाइक सवार बिना हेलमेट व चार पहिया वाहन चालक बिना सीट बेल्ट के ही वाहन चला रहे हैं। ऐसे में हादसों में मरने वालों की संख्या बढ़ी है।
यातायात नियमों को गंभीरता से न लेना ही सड़क हादसों का प्रमुख कारण माना जा रहा है। वहीं अभिभावक अपने नाबालिग बच्चों को वाहन थमा देते हैं। इससे भी हादसों की आशंका बनी रहती है।
स्पष्ट निर्देश हैं कि नाबालिगों को वाहन चलाने के लिए नहीं दिया जाए लेकिन नियमों का पालन नहीं हो रहा है। वहीं पत्थर मंडी कबरई में प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में भारी व मालवाहक वाहन आते हैं। हाईवे पर आए दिन हादसे हो रहे हैं। वर्ष 2025 के अभी दस माह ही हुए हैं। इस दौरान जिले में 209 सड़क हादसे हुए। इसमें 130 लोगों की जान चली गई। इससे साफ है कि जिले में सड़क हादसों में हर तीसरे दिन एक व्यक्ति की मौत हो रही है।
फोटो 05 एमएएचपी 07 परिचय-कीरत सागर मार्ग पर बिना हेलमेट गुजरते एक बाइक पर सवार चार लोग। संवाद
फोटो 05 एमएएचपी 07 परिचय-कीरत सागर मार्ग पर बिना हेलमेट गुजरते एक बाइक पर सवार चार लोग। संवाद