फोटो 27 एमएएचपी 03 परिचय-जिला अस्पताल के कक्ष में मरीज की आंख देखते नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. धैर्
महोबा। गर्मी से ही नहीं बल्कि एसी की ठंडी हवा से भी आंखों का पानी सूख रहा है। इन दिनों नेत्ररोग से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ी है। जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 20 से 30 मरीज इलाज कराने के लिए पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. धैर्य कुमार राय ने बताया कि कॉर्निया की सबसे ऊपरी परत पर टीयर फिल्म होती है। जब पलक झपकती है तो टीयर फिल्म का पानी आंख में फैल जाता है और आंख में नमी बनी रहती है। गर्मी के मौसम में गर्म हवा के संपर्क में आने से टीयर फिल्म का पानी सूख जाता है। इससे आंख का किरकिराना, लाल होना व दर्द की समस्या होती है। बताया कि ऐसा एसी की हवा से भी होता है। एसी में बैठने से भी आंख का पानी सूख जाता है।
खासकर उनकी आंखों का जो कार चलाते समय एसी की हवा सीधे अपनी तरफ करते हैं। एसी की ठंडी हवा में बैठकर लंबे समय तक कंप्यूटर पर काम करने या मोबाइल की स्क्रीन देखने से भी आंख का पानी सूख जाता है। चिकित्सक ने बताया कि जिला अस्पताल की ओपीडी में हर तीसरा व्यक्ति आंख का पानी सूखने की समस्या से ग्रसित आ रहा है।
ये सावधानी बरतें, मिलेगा लाभ
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. धैर्य कुमार राय ने बताया कि आंख में दिक्कत होने पर स्वयं अथवा सीधे मेडिकल स्टोर से ड्रॉप खरीदकर डालने से समस्या बढ़ सकती है। आंख का पानी सूखने से बचाने के लिए एसी सामान्य तापमान पर चलाएं। सीधे एसी की हवा से बचें व पंखे के नीचे न बैठें। समय-समय पर आंख में ठंडे पानी के छींटे डालते रहें। यदि जरूरी हो तभी दोपहर 12 से शाम चार बजे के बीच घर से निकलें।