महोबा। राजधानी दिल्ली में बेसमेंट में संचालित कोचिंग सेंटर में जलभराव से तीन छात्रों की मौत की घटना के बाद शहर में भी जिम्मेदार अधिकारी सक्रिय हो गए हैं। बिना पंजीयन के बेसमेंट में संचालित आठ निजी पुस्तकालयों को बंद कराया गया है।
सोमवार को पुस्तकालय संचालक गाइडलाइन जानने व लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया का पता लगाने के लिए अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगाते रहे। शहर के रामकथा मार्ग सहित विभिन्न इलाकों में निजी पुस्तकालय संचालित हैं। यह पुस्तकालय बेसमेंट में किराये की बिल्डिंग में चल रहे थे।
शासन ने इन सभी निजी पुस्तकालय संचालकों को अपने पुस्तकालय गाइडलाइन के अनुरूप ही संचालित करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों की टीम ने निजी पुस्तकालयों में पहुंचकर बिना पंजीयन के संचालित पुस्तकालयों को बंद करने की चेतावनी दी। साथ ही आठ निजी पुस्तकालय को बंद कराया।
इसके अलावा डीआईओएस गिरधारीलाल कोली ने कोचिंग सेंटरों का भी औचक निरीक्षण किया। कई कोचिंग बिना लाइसेंस के ही संचालित होती मिलीं। इस पर उन्होंने कोचिंग को बेसमेंट में नहीं चलाने और लाइसेंस लेकर ही कोचिंग संचालित करने के निर्देश दिए।
सिर्फ 15 कोचिंग संचालकों का पंजीयन
महोबा। शहर में शैक्षिक सत्र 2023-24 में सिर्फ दो ही कोचिंग पंजीकृत थे। निरीक्षण व कार्रवाई की चेतावनी के बाद शैक्षिक सत्र 2024-25 में 13 नए कोचिंग संचालकों ने अपना पंजीयन कराया। इसी के साथ अब शहर में 15 पंजीकृत कोचिंग संचालित हैं।
हालांकि, दो और कोचिंग संचालकों की ओर से पंजीकरण के लिए डीआईओएस कार्यालय में आवेदन कर दिया है। आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन्हें भी कोचिंग संचालन का लाइसेंस निर्गत किया जाएगा।
उधर, शहर में अवैध कोचिंग सेंटरों की भरमार है। बिना एनओसी व गाइडलाइन का पालन न कर कोचिंगों का संचालन हो रहा है। हालांकि, कुछ कोचिंग संचालकों ने कार्रवाई से बचने के लिए स्थान परिवर्तित कर लिया है।