श्रीनगर/अजनर/कबरई। जिले में दो दिन हुई लगातार बारिश से आठ कच्चे मकान ढह गए। इससे लोगों की हजारों की गृहस्थी बर्बाद हो गई। उर्मिल बांध का पानी 16 घरोंं में घुसने से लोग प्रभावित रहे।
कस्बा अजनर में शनिवार की रात कच्चा मकान ढहने से दंपती समेत तीन लोग दब गए। अजनर निवासी रामप्रसाद (55) अपनी पत्नी शीला (47) और भाई रमेश (51) के साथ रात को भोजन करके कच्चे मकान में सो गए। देर रात करीब एक बजे कच्चा मकान भरभराकर गिर गया। इससे दंपती समेत तीन लोग मलबे में दबकर घायल हो गए। पड़ोसियों की मदद से घायलों को मलबे से बाहर निकाल पीएचसी अजनर पहुंचाया गया। जहां उनका इलाज चल रहा है। घटना की सूचना लेखपाल व राजस्व विभाग को दी गई।
कबरई संवाद के अनुसार लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने कस्बे के भगत सिंह नगर में बेवा जगदम्बा वर्मा का मकान गिर गया। पति की मौत के बाद बेवा पिछले चार सालों से छह बच्चों के साथ कच्चे मकान में रह रही थीं।
मलबे में रसोई का सामान, कपड़े, अनाज और अन्य जरूरी वस्तुएं दबकर बर्बाद हो गई हैं। इसी तरह मोहल्ले के ही रमन तिवारी, खिल्लू अहिरवार और बोधी अनुरागी के मकान भी ढह गए। श्रीनगर संवाद के अनुसार उर्मिल बांध के सात फाटक खोलकर पानी निकाले जाने पर उर्मिल नदी उफना गई। इससे घरों में पानी घुस गया। पानी भरने से नत्थू, ललिया, रामगोपाल, गंगू, भग्गू, भवानीबाई, अच्छेलाल, ललिता, श्यामालिया, मातादीन, मदनलाल, दुर्जन, भवानी, रामकिशन, गोवर्धन व घसीटा के मकानों में पानी भर गया।