महोबा। किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के तीन दोषियों को अपर सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायाधीश पाक्सो अधिनियम) संतोष कुमार यादव ने 20-20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। 32 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा होगी।
कोतवाली चरखारी के एक गांव निवासी 15 वर्षीय किशोरी मार्च 2019 को शौचक्रिया के लिए खेत गई थी। तभी गांव का 50 वर्षीय लखनलाल राजपूत किशोरी को बहला फुसलाकर नाले के पास ले गया। जहां उसने अपने साथी कल्लू उर्फ बृजेश राजपूत व पंचूलाल कुशवाहा को भी बुला लिया। तीनों ने किशोरी से दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपी करीब तीन माह तक किशोरी को धमकाकर दुष्कर्म करते रहे। 14 जुलाई 2019 को किशोरी अचानक घर पर बेहोश हो गई। होश में आने पर किशोरी ने परिजनों को बताया कि लखन, कल्लू व पंचू ने उसके साथ दुष्कर्म किया। जिससे वह गर्भवती हो गई। फिर उन्होंने कोई गर्भ की गोली खिला दी। मामले में 19 जुलाई 2019 को कोतवाली चरखारी में तीनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई।
न्यायालय ने 31 अगस्त 2019 को तीनों अभियुक्तों के खिलाफ आरोप तय किया। शनिवार को मामले की सुनवाई के बाद सजा सुनाई गई। विशेष लोक अभियोजक पुष्पेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि अभियुक्त कल्लू उर्फ बृजेश राजपूत, पंचूलाल कुशवाहा व लखनलाल को 20-20 साल कारावास व 32-32 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।