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अब स्वच्छ व सुंदर नजर आएंगे चंदेलकालीन तालाब

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मदन सागर तालाब की जलकुंभी साफ करती एक्वाटिक बीड हार्वेस्टर मशीन - फोटो : MAHOBA
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महोबा। शहर के ऐतिहासिक और चंदेल कालीन तालाब अब स्वच्छ और सुंदर नजर आएंगे। शनिवार को मुंबई से मशीन महोबा पहुंची विशेष मशीन तालाबों की जलकुंभी व गंदगी को साफ करेगी। इस मशीन का शनिवार को मदन सागर तालाब में ट्रॉयल किया गया।
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शहर के ऐतिहासिक कीरत सागर, मदन सागर, कल्याण सागर समेत प्रमुख तालाबों में गंदगी का अंबार होने से उनकी सुंदरता पर ग्रहण लग गया था। तालाबों को उनकी पुरानी सुंदरता लौटाने के लिए जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार के प्रयास रंग ला रहे हैं। इन तालाबों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जा रहा है। इसी क्रम में पालिका प्रशासन ने 15वें वित्त आयोग से 1.25 करोड़ की लागत से तालाबों की सफाई के लिए एक्वाटिक बीड हार्वेस्टर मशीन मंगाई है। शनिवार को पालिका अध्यक्षा दिलाशा तिवारी ने पूजन-अर्चन के बाद शुरुआत कराई। पहले दिन मदन सागर तालाब में फैली गंदगी को मशीन ने साफ किया। शुभारंभ के दौरान सांसद पुष्पेंद्र सिंह चंदेल, सदर विधायक राकेश गोस्वामी, डीएम सत्येंद्र कुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह सेंगर, पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि सौरभ तिवारी आदि मौजूद रहे।
प्रति मिनट छह घनमीटर कचरा निकालेंगी मशीन
तालाबों की सफाई के लिए जिले में मंगाई गई एक्वाटिक बीड हार्वेस्टर मशीन की लंबाई 11.8 मीटर और ऊंचाई 2.7 मीटर है। इस मशीन की क्षमता छह घन मीटर प्रति मिनट कचरा निकालने की है। इस भारी भरकम मशीन से एक माह के अंदर ही सभी ऐतिहासिक तालाबों का कचरा साफ होने की उम्मीद है।
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मदन सागर में पैंटून पुल बना आकर्षण का केंद्र
चंदेल कालीन मदन सागर तालाब के बीच स्थित खकरामठ अपनी बेजोड़ नक्काशी के लिए प्रसिद्ध है। तालाब में पानी भरा होने से पर्यटक खकरामठ का करीब से दीदार नहीं कर पाते थे। डीएम की पहल पर मदन सागर में पैंटून पुल बनकर तैयार हो गया है। लोगों को अब उद्घाटन का इंतजार है। प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में लोग पुल देखने के लिए पहुंच रहे है। पुल व खकरामठ लोगों के आकर्षण का केंद्र बना है।
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