श्रीनगर (महोबा)। नमामि गंगे परियोजना के तहत डाली गई मुख्य पाइपलाइन टूट जाने से 50 से अधिक गांवों की पेयजल आपूर्ति ठप हो गई। 24 घंटे का समय बीत जाने के बाद भी पाइपलाइन दुरुस्त नहीं हो सकी। इससे ग्रामीण बूंद-बूंद पानी को परेशान रहे।
उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश की सीमा पर स्थित उर्मिल बांध से नमामि गंगे परियोजना के तहत हर घर नल योजना के तहत करीब 97 गांव को पेयजल आपूर्ति दी जाती है। अलग-अलग गांवों को आपूर्ति देने के लिए उर्मिल बांध से दो मुख्य लाइन निकली है।
एक मुख्य लाइन से करीब 50 गांवों को पानी मिलता है। रविवार को महोबा-नौगांव मार्ग पर पिपरामाफ गांव के पास सिद्ध बाबा मंदिर के बगल में मुख्य पाइपलाइन टूट गई। तेज फोर्स के साथ निकल रहा हजारों लीटर पानी बहकर बर्बाद हो गया।
पाइपलाइन टूटने से पिपरामाफ, उदयपुरा, कंचनपुरा, लुहेड़ी, पिपरामाफ, हिलुआ, महुआबांध, अकौना, कैथोरा, बगवाहा, धवर्रा, खमा समेत 50 गांव की पेयजल आपूर्ति ठप हो गई। ग्रामीणों ने इसकी सूचना नमामि गंगे परियोजना के अधिकारियों को दी
गांव के बबलू अरजरिया, विजय सिंह, कल्लू यादव, कृष्णकांत पटेरिया आदि का कहना है कि उर्मिल बांध से निकली मुख्य पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से पेयजल आपूर्ति ठप है। सूचना के बाद भी जिम्मेदार कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। इससे लोगों को दूर-दराज स्थित जलस्रोतों से पानी लाकर प्यास बुझाना पड़ रही है।