महोबा। भीषण गर्मी के बीच शहर की पेयजल आपूर्ति दो दिन से ठप है। डेढ़ लाख की आबादी बूंद-बूंद पानी को परेशान हैं। आंधी-बारिश से कस्बा श्रीनगर समेत 42 गांवों की बिजली गुल हो गई थी जो 30 घंटे बाद शनिवार की रात दो बजे बहाल हो सकी। बिजली आपूर्ति ठप रहने से टंकियां न भर पाने से आपूर्ति नहीं हो सकी।
महोबा पेयजल पुनर्गठन योजना के तहत यूपी-एमपी की सीमा पर स्थित उर्मिल बांध से शहर में पाइपलाइन से पानी लाया जाता है। इसके लिए कस्बा श्रीनगर में जलशोधन प्लांट बनाया गया है। प्लांट से पानी आने के बाद शहर में स्थित पांच टंकियों में पानी भरा जाता है। इसके बाद शहरवासियों को पेयजल आपूर्ति दी जाती है। 19 जून की रात करीब आठ बजे अचानक आई आंधी और बारिश के चलते श्रीनगर क्षेत्र में बिजली व्यवस्था चौपट हो गई थी। कई स्थानों पर बिजली की केबल जल गए तो कहीं बिजली पोल पर लगे इंसुलेटर फुंक गए थे। बिजली ठप होने से शनिवार को शहरवासियों को पानी नहीं मिला था जबकि रविवार को लोग नलों में पानी आने का इंतजार कर रहे थे लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी। मजबूरी में लोगों को हैंडपंप से पानी लाना पड़ा। पेयजल संकट से शहर में त्राहि-त्राहि मची हुई है। इससे लोग परेशान हैं।
उधर, पेयजल आपूर्ति मुहैया कराने वाली निजी कंपनी के प्रबंधक शैलेष सिंह का कहना कि 19 जून की रात आठ बजे से 20 जून की रात डेढ़ बजे तक बिजली आपूर्ति ठप रही। इसके चलते टंकी नहीं भरी जा सकीं। रविवार को शहर में 85 फीसदी इलाके में पानी नहीं पहुंचा। सोमवार से नियमित आपूर्ति कराई जाएगी।