फोटो 07 एमएएचपी 10 परिचय-कस्बा जैतपुर में आपूर्ति न होने पर हैंडपंप से पानी भरते बच्चे व लोग। स
- फोटो : नगर मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपते भारतीय सवर्ण महासभा के प्रदेश अध्यक्ष संजीव उपाध्याय व अन्य। स्रोत स्वयं
बेलाताल (महोबा)। कस्बा जैतपुर के छह मोहल्लों में पिछले 14 दिन से पेयजल आपूर्ति ठप है। मंगरौल खुर्द गांव में स्थापित ट्यूबवेल की मोटर खराब होने से 500 परिवार बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं। शिकायत के बाद भी जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं। ऐसे में पानी की जुगाड़ में ही लोगों का पूरा दिन गुजर रहा है।
मंगरौलखुर्द स्थित ट्यूबवेल से जैतपुर के अटल ज्योति विद्यालय से लेकर बाईपास तक के करीब छह मोहल्लों में पेयजल आपूर्ति की जाती है। कस्बावासी त्रिलोकी, संजय गुप्ता, प्रदीप, आशु, योगेंद्र, मोहित आदि का कहना है कि ट्यूबवेल की मोटर आए दिन खराब हो जाती है। मोटर ठीक होने के बाद भी वह एक माह भी नहीं चल पाती और दोबारा फिर खराब हो जाती है। शिकायत करने पर विभागीय अधिकारी केवल आश्वासन देकर मामला टाल देते हैं। 14 दिन पहले मोटर खराब हो गई थी। जिसे अभी तक दुरुस्त नहीं किया गया। जलापूर्ति ठप होने से लोगों को पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। हालात इतने खराब हैं कि आसपास लगे हैंडपंपों से भी पीने योग्य पानी नहीं मिल पा रहा है। मजबूरी में लोग साइकिल और बाइक में डिब्बे लादकर दो-दो किमी दूर से पानी लाने को मजबूर हैं। उन्होंने शीघ्र मोटर दुरुस्त कराकर आपूर्ति बहाल कराए जाने की मांग की है। उधर, जल जीवन मिशन जैतपुर के जेई वकील प्रसाद का कहना है कि वह अवकाश पर हैं। मोटर कब तक सही होगी, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
दिसंबर माह में भी खराब हुई थी ट्यूबवेल की मोटर
बेलाताल। इससे पहले दिसंबर माह में भी ट्यूबवेल की मोटर खराब हुई थी। तब 16 दिनों तक जलापूर्ति ठप रही थी। तब यह मुद्दा अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था और पांच जनवरी को खबर प्रकाशित की थी। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद सात जनवरी को जलापूर्ति शुरू कराई गई थी लेकिन इसके 18 दिन बाद मोटर फिर से फुंक गई और कस्बे में पेयजल संकट गहरा गया।
दूसरे दिन भी नहीं हुई डेढ़ लाख की आबादी को पेयजल आपूर्ति
महोबा। कानपुर-सागर हाईवे पर दो स्थानों में पाइपलाइन बदलने का काम होने से शहर को दूसरे दिन शनिवार को भी पेयजल आपूर्ति नहीं की गई। इससे डेढ़ लाख की आबादी पेयजल संकट से जूझती रही। लोग हैंडपंपों से पानी लाने को मजबूर रहे। शहर को यूपी-एमपी की सीमा पर स्थित उर्मिल बांध से पेयजल आपूर्ति की जाती है। हाईवे चौड़ीकरण कार्य के चलते पाइपलाइन बदलने का काम दो दिन से चल रहा है। इससे शहर की पेयजल आपूर्ति ठप है। उर्मिल बांध पेयजल परियोजना के प्रबंधक शैलेश कुमार सिंह का कहना है कि लाइन बदलने का काम हो गया है। रविवार से पेयजल आपूर्ति बहाल हो जाएगी।