अपर जिला सत्र न्यायाधीश महेंद्र प्रताप सिंह यादव ने दहेज हत्या के मामले में आरोप सिद्ध होने पर पति, सास व ससुर को 10-10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दो-दो हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर दो-दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
थाना श्रीनगर के ग्राम ज्यौरइया निवासी मुन्नीलाल की बहन आशा की शादी थाना अजनर के गांव आरी निवासी रमेश के साथ हुई थी। शादी के बाद ससुरालीजन 25 हजार की नगदी व बाइक की मांग करने लगे। मांग पूरी न होने पर आशा से मारपीट करते। एक अक्तूबर 2011 की रात 10 बजे विवाहिता को जलाकर हत्या कर दी गई।
मुन्नीलाल ने अजनर थाने में विवाहिता के पति रमेश, सास जमुनिया एवं ससुर नंदलाल के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। गुरुवार को न्यायाधीश ने दोनो पक्षों के गवाह और बहस सुनने के बाद पति रमेश सास जमुनिया व ससुर नंदलाल को दहेज हत्या का दोषी ठहराते हुए 10-10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।
साथ ही दो-दो हजार रुपये का जुर्माना ठोंका। जुर्माना अदा न करने पर दो दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। इस मुकदमे की पैरवी सरकार पक्ष की ओर शासकीय अधिवक्ता प्रमोद पालीवाल ने की।