अपर जिला सत्र न्यायाधीश विजय शंकर उपाध्याय ने दहेज हत्या के मामले में सास, ससुर और पति को दस-दस साल की सजा सुनाई। अदालत ने तीनों आरोपियों को पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया है।
जनपद हमीरपुर के कोतवाली राठ ग्राम के कैंथी निवासी राजाराम ने अपनी बेटी सरोज की शादी 10 नवंबर 2006 को कोतवाली चरखारी के ग्राम ग्राम गुढ़ा निवासी जागेश्वर के बेटे पवन राजपूत के साथ की थी। शादी के बाद से ही सास, ससुर और पति दहेज में मोटरसाइकिल और पांच तोला सोने की मांग करने लगे थे। दहेज की मांग पूरी न करने पर सरोज को प्रताड़ित करते थे, और 12 नवंबर 2011 का उसकी गला दबाकर हत्या कर दी थी। घटना की रिपोर्ट मृतक के पिता राजाराम ने पति पवन, सास रामकुमारी और ससुर जागेश्वर के खिलाफ कोतवाली चरखारी में दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। शुक्रवार को अदालत ने पति पवन, सास रामकुमारी और ससुर जागेश्वर को दहेज हत्या का दोषी ठहराते हुए दस-दस साल की सजा सुनाई। इस मुकदमे की पैरवी सरकार पक्ष की ओर शासकीय अधिवक्ता प्रमोद पालीवाल ने की। अदालत ने तीनों आरोपियों को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया है।