जिले के मत्स्य पालकों को भी सूखा राहत की सहायता दी जाएगी। शासन ने इसके लिए 18 लाख रुपये का बजट करीब 200 मत्स्य पालकों के लिए आवंटित किया है। विभाग ने निर्धारित मापदण्डों के अनुसार माह के अंत तक सहायता राशि वितरण की कवायद शुरू कर दी है।
दैवीय आपदा और तबाही से बर्बाद किसानों को अतिवृष्टि और सूखा राहत की दी जा रही सहायता राशि के साथ साथ जिले के मछली पालकों के लिए सहायता राशि उपलब्ध हो गई है। सहायक मत्स्य निदेशक एसके श्रीवास्तव ने बताया कि जनपद के करीब 200 मछली पालकों के लिए 18 लाख रुपये आवंटित हो गए है। उन्होंने बताया कि छह हजार रुपया प्रति हेक्टेयर के हिसाब से सहायता राशि का निर्धारण किया गया है। अधिकतम दो हेक्टेयर तक के मत्स्य पालकों को सूखा राहत की सहायता धनराशि मिलेगी। मत्स्य पालकों को सूखा राहत की धनराशि वितरण प्रक्रिया देख रहे मत्स्य निरीक्षक सुभाष अग्रवाल ने बताया कि मछली पालकों पत्रावलियां ऑडिट के लिए गई है। जिसकी वजह से वितरण कार्य शुरू नही हो पाया है। वितरण की कार्रवाही के लिए तय मापदण्डों के अनुसार सूचियां तैयार कराई जा रही हैं।