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Mahoba News: मुसीबत में घबराएं नहीं, बेझिझक होकर लें पुलिस की सहायता

Tue, 22 Jul 2025 01:18 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
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महोबा/कुलपहाड़। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से सोमवार को पुलिस की पाठशाला का आयोजन कोतवाली कुलपहाड़ में हुआ। इसमें जनतंत्र इंटर कॉलेज की छात्राओं ने हिस्सा लिया। सीओ अरुण कुमार सिंह ने कहा कि छात्राओं को किसी भी परिस्थिति में घबराने की जरूरत नहीं हैं। वह बेझिझक पुलिस की सहायता ले सकतीं हैं। उन्होंने छात्राओं को पुलिस की कार्यप्रणाली से अवगत कराते हुए उनकी जिज्ञासाओं को भी दूर किया।
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सीओ कुलपहाड़ ने कहा कि आज के समय में सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर बेहद सतर्क और सजग रहने की जरूरत है। छात्राएं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल सोच समझकर करें। किसी भी अनजान व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें। मोबाइल पर आने वाले अनजान लिंक पर क्लिक न करें। यदि किसी भी तरह की विपरीत परिस्थिति बने तो तत्काल पुलिस की सहायता लें।
कोतवाली प्रभारी राधेश्याम वर्मा ने छात्राओंं को हेल्पलाइन नंबरोंं की जानकारी दी। इस मौके पर कॉलेज के प्रधानाचार्य जयप्रकाश अनुरागी, पिंकी यादव, योगेश रावत, शिक्षक मदनपाल सिंह, जानकीशरण पटेल, संतोष कुमार, गरिमा सिंह आदि मौजूद रहे। इसके बाद छात्राओं को कार्यालय और बैरक का भ्रमण कराकर कानूनी बारीकियां बताई गईं।
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छात्राओं ने सीओ से किए सवाल, मिले जवाब
सवाल: इंटर की छात्रा सुशीला ने पूछा कि फोन से अपराध कैसे होते हैं और इससे कैसे बचा जा सकता है?
जवाब: इस पर सीओ ने कहा कि किसी भी अनजान लिंक को क्लिक न करें। कोई फोन पर ओटीपी पूछे तो नहीं बताना है यदि घर, थाने या बैंक से फोन आए तो पहले कंफर्म करना है कि फोन कोई ठग तो नहीं कर रहा है।
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सवाल: छात्रा नेहा ने पूछा कि आखिर थाने में पुलिस गरीबों की क्यों नहीं सुनती है?
जवाब: इस पर सीओ ने कहा कि कानून सभी के लिए बराबर है। गरीबों और कुछ वर्ग के लोगों के लिए स्पेशल कानूनी धाराएं बनाई गई है इसका सहारा लेकर उन्हें न्याय दिलाया जाता है।
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सवाल: इंटर की छात्रा ज्योति ने पूछा कि अभी भी ऊंचनीच, छुआछूत मानी जाती है, इसके लिए पुलिस क्या सहायता कर सकती है?
जवाब: सीओ ने कहा कि इसके लिए कानून में कुछ धाराएं हैं। यदि लोग किसी के साथ छुआछूत का व्यवहार करते हैं तो उन्हें दंडित कराया जा सकता है इसके लिए उन्होंने कुछ कानूनी टिप्स दिए।
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सवाल: छात्रा साधना ने पूछा कि अपराधी अपराध कर कैसे छूट जाते हैं?
जवाब: सीओ ने बताया कि रिपोर्ट लिखाने, विवेचना करने और चार्जशीट दाखिल करने के बाद मामला न्यायालय में चला जाता है। वहां गवाहों को सुनने के बाद विद्वान जज निर्णय करते हैं। उसमें पुलिस की भूमिका शुरुआती होती है फैसला कोर्ट द्वारा किया जाता है।
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