जनपद न्यायाधीश चैतन्य कुुमार कुलश्रेष्ठ ने कहा कि विविध साक्षरता का उद्देश्य रोजमर्रा की जिंदगी में कानून की जानकारी, गरीबों और असहायों, अशिक्षित लोगों तक पहुंचाना है। 12 दिसंबर को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में वादों का आपसी सुलह समझौते के आधार पर निस्तारण कराएं।
जनपद न्यायाधीश मंगलवार को गोवर्धन नाथ जू मेला परिसर में आयोजित विधिक साक्षरता शिविर के मौके पर बोल रहे थे। उन्होंने आम आदमी से अपील की कि वह झूठे मुकदमे न लिखवाएं। इससे दोनों पक्षों का समय और पैसा बर्बाद होता है।
विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रभारी सचिव संजय कुमार ने कहा कि शिविर के आयोजन के लिए और समय मिलना चाहिए। उन्होंने अधिवक्ताओं से आह्वान किया कि वह वादकारियों को कानून की जानकारी देते रहें। इस मौके पर जिलाधिकारी वीरेश्वर सिंह ने कहा कि विधिक साक्षरता शिविर के आयोजन से लोगों में जागरूकता आएगी।
इस मौके पर पुलिस अधीक्षक वजीह अहमद, मुख्य चिकित्साधिकारी एसके वार्ष्णेय, मुकुंद किशोर गोस्वामी, अधिवक्ता समिति महोबा के अध्यक्ष विनोद खरे, मनोज पाठक, वीरपाल, जितेंद्र सिंह सेंगर, केशव शुक्ला सहित तमाम अधिवक्ता मौजूद रहे। चेयरमैन प्रतिनिधि मुईनउद्दीन ने सभी आए हुए लोगों का आभार व्यक्त किया।