संवाद न्यूज एजेंसी
चरखारी (महोबा)। जिलाधिकारी मृदुल चौधरी ने गुरुवार को सीएचसी चरखारी का औचक निरीक्षण किया। हेल्थ एटीएम मशीन बंद मिलने पर डीएम भड़क उठे। उन्होंने कड़ी नाराजगी जताते हुए प्रतिदिन मशीन चालू रखने और मरीजों की नियमित जांच करने के निर्देश दिए। अस्पताल में जगह-जगह गंदगी मिली। डाट्स के मरीजों की समीक्षा सीधे रोगी से करने पर खामियां मिलीं। टीबी के इलाज का डाटा अपटेड न रखने पर कर्मचारी सलिल खरे और शिवराम को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने मरीजों के बैठने के लिए कुर्सियों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान डीएम को सीएचसी का स्टाफ मौजूद मिला। सभी डॉक्टर ओपीडी में मरीजों को देख रहे थे। महिला विंग में 30 बेड होने के बाद भी दो कमरों में ही 23 महिलाएं भर्ती पाईं गईं जिनमें से चार महिलाओं का प्रसव हो चुका था। जिस पर डीएम ने सभी कक्षों का आवश्यकतानुसार उपयोग करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान पता चला कि ऑपरेशन कक्ष कई दिन से नहीं खुला।
जिस पर डीएम ने अधीक्षक डॉ. राजेश वर्मा से जवाब तलब किया। कहा कि छोटे-मोटे आपरेशन नियमित रूप से किए जाएं। मामूली ऑपरेशन न करते हुए डॉक्टर मरीजों को जिला अस्पताल रेफर कर देते हैं। यह गलत है। डाट्स कक्ष में 138 मरीजों का इलाज दर्ज पाया गया।
डीएम ने छह मरीजों से बात की। मरीजों का फीडबैक सही न मिलने पर डीएम ने नाराजगी व्यक्त की। ड्रेसिंग रूम में मरीजों की ड्रेसिंग करने वाला कर्मचारी मिला। इस दौरान डीएम ने पोस्ट ऑपरेशन कक्ष में गंदगी को साफ करने के लिए सफाई कर्मी को बुलाया तब ड्रेसिंग करने वाला कर्मचारी झाड़ू लेकर दिखाई दिया। जिस पर डीएम ने अधीक्षक की क्लास लगाते हुए ड्रेसर से ही ड्रेसिंग कराए जाने के निर्देश दिए। अस्पताल में जगह-जगह गंदगी मिली। किसी भी कक्ष में फिनाइल व पोछा लगा नहीं पाया गया। इस दौरान सीएमओ डॉ. आशाराम आदि मौजूद रहे।