महोबा। स्वच्छ भारत मिशन मैनेजमेंट कमेटी की बैठक जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गुरुवार को कलक्ट्रेट सभागार में हुई। डीएम ने बैठक में कहा कि जनपद को ओडीएफ घोषित किया जा चुका है, लेकिन स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत निर्मित शौचालयों की जियो टैगिंग अभी 81 प्रतिशत ही हुई है। इस पर उन्होंने डीपीआरओ को जल्द ही शत-प्रतिशत जियो टैगिंग सुनिश्चित कराने निर्देश दिए।
डीएम सहदेव ने कहा कि जनपद की सभी 273 ग्राम पंचायतों के अंतर्गत आने वाले 429 ग्रामों को खुले में शौच से मुक्त किया जा चुका है, लेकिन लोगों में जागरूकता की अभी भी कमी है। जिसके कारण लोग खुले में शौच जा रहे हैं। उन्होंने डीपीआरओ शहनाज अंसारी को निर्देश दिया कि सभी विकास खंडों को शौचालयों का उपयोग करने के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए 50-50 हजार रुपये आवंटित किए गए हैं। जिसमें से जैतपुर और पनवाड़ी विकासखंड द्वारा धनराशि खर्च कर ली गयी है और चरखारी और कबरई विकासखंड द्वारा अभी तक प्रचार-प्रसार के लिए धनराशि का सदुपयोग न करने पर डीएम ने संबंधित खंड विकास अधिकारियों को फटकार लगाई। कहा कि सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई धनराशि का लोगों को जागरूक करने में उपयोग किया जाए। उन्होंने संबंधित ग्राम पंचायतों के ग्राम विकास अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को शौचालयों का उपयोग करने के लिए जागरूक करने को कहा।
जिलाधिकारी ने कहा कि बेसलाइन सर्वे से जो लोग छूट गए थे। उनको भी शौचालय उपलब्ध कराने का कार्य जल्द से जल्द पूर्ण किया जाए। कहा कि उत्तर प्रदेश में जनपद शौचालय निर्माण की फोटो अपलोडिंग में 55वें स्थान पर है, जो चिंताजनक है। उन्होंने सीडीओ हीरा सिंह को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि अपने पर्यवेक्षण में फोटो अपलोडिंग का कार्य अति शीघ्र सुनिश्चित कराएं। इस मौके पर परियोजना निदेशक आर.एस. गौतम, सीएमओ डॉ. सुमन, चिकित्सक डॉ. पी.डी. अवस्थी सहित तमाम अधिकारी मौजूद रहे।